डिजिटल डेस्क- महाराष्ट्र में 29 महानगरपालिकाओं के मेयर पदों के लिए आरक्षण की लॉटरी गुरुवार को घोषित कर दी गई। मंत्रालय में आयोजित इस प्रक्रिया के तहत पहले अनुसूचित जनजाति (ST), फिर अनुसूचित जाति (SC), उसके बाद अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और अंत में सर्वसाधारण (खुली श्रेणी) के लिए आरक्षण निकाला गया। इस लॉटरी के नतीजों ने राज्य की सियासत में हलचल मचा दी है, खासकर मुंबई नगर निगम को लेकर। लॉटरी के अनुसार, देश के सबसे समृद्ध नगर निगम बृहन्मुंबई महानगरपालिका में मेयर पद सर्वसाधारण वर्ग की महिला के लिए आरक्षित किया गया है। इससे भारतीय जनता पार्टी के लिए मेयर पद पर दावा ठोकने का रास्ता साफ हो गया है। हालांकि, उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) ने इस आरक्षण प्रक्रिया पर आपत्ति जताई है। पार्टी को उम्मीद थी कि मुंबई में मेयर पद OBC वर्ग को मिलेगा, लेकिन लॉटरी के नतीजे इसके विपरीत रहे। लॉटरी के दौरान शिवसेना (UBT) ने आपत्ति दर्ज कराते हुए पूरी प्रक्रिया का बहिष्कार भी किया, जिससे कुछ देर के लिए भ्रम की स्थिति बन गई।
89 सीटों पर भाजपा का कब्जा
मुंबई नगर निगम का बजट कई राज्यों के बजट के बराबर माना जाता है, इसलिए इसके नतीजों पर पूरे देश की नजरें टिकी थीं। 227 सदस्यीय बीएमसी में भाजपा ने सबसे ज्यादा 89 पार्षदों की सीटें जीती हैं। भाजपा और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने महायुति के तहत चुनाव लड़ा था। शिंदे गुट को 29 पार्षद मिले, जिससे महायुति के पास कुल 118 पार्षद हो गए हैं। ऐसे में यह लगभग तय माना जा रहा है कि मुंबई की अगली मेयर महायुति से ही बनेगी। वहीं, उद्धव ठाकरे की शिवसेना पिछले 25 वर्षों से मुंबई नगर निगम की सत्ता में थी, लेकिन इस बार उसे विपक्ष में बैठना पड़ा। इस चुनाव में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे की पार्टी ने गठबंधन किया था। उद्धव गुट को 65 और राज ठाकरे की पार्टी को 6 पार्षद मिले थे, यानी कुल 71 सीटें, लेकिन बहुमत से काफी दूर रहे।
ओबीसी की 8, एससी की 3 व एसटी की 1 सीट
आरक्षण की पूरी सूची के अनुसार, राज्य की 29 नगरपालिकाओं में से 17 नगर निगम सर्वसाधारण वर्ग के लिए, 8 OBC वर्ग के लिए, 3 अनुसूचित जाति और 1 अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित किए गए हैं। OBC वर्ग के लिए आरक्षित 8 मेयर पदों में 4 महिला और 4 पुरुष आरक्षण शामिल हैं। इनमें जलगांव, चंद्रपुर, अहिल्यानगर और अकोला में महिला मेयर होंगी, जबकि उल्हासनगर, कोल्हापुर, पनवेल और इचलकरंजी में OBC पुरुष मेयर बनेंगे। पुणे, पिंपरी-चिंचवाड़, नासिक, सोलापुर, सांगली-मिरज-कुपवाड, धुले और मालेगांव नगर निगमों में मेयर पद सर्वसाधारण वर्ग के लिए खुला रखा गया है। पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़, जहां फिलहाल भाजपा सत्ता में है, वहां मेयर पद को लेकर कड़ी राजनीतिक प्रतिस्पर्धा देखने को मिल सकती है।