डिजिटल डेस्क- भारतीय वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने आधुनिक युद्ध की बदलती प्रकृति पर बड़ा बयान देते हुए वायु शक्ति की केंद्रीय और निर्णायक भूमिका को रेखांकित किया है। बुधवार को 22वें सुब्रतो मुखर्जी सेमिनार को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारतीय वायु सेना (IAF) ने बार-बार यह साबित किया है कि वह त्वरित, सटीक और निर्णायक परिणाम देने में पूरी तरह सक्षम है। इसमें पाकिस्तान के भीतर कई ठिकानों पर महज कुछ ही घंटों में प्रभावी हमला करने की क्षमता भी शामिल है। एयर चीफ मार्शल सिंह ने वैश्विक और घरेलू स्तर पर हाल के सैन्य संघर्षों का हवाला देते हुए कहा कि अब इस बात पर बहस की कोई जरूरत नहीं रह गई है कि सैन्य शक्ति का कौन सा अंग सबसे अधिक असरदार साबित हुआ है। उन्होंने बिना किसी देश या अभियान का नाम लिए कहा, “दुनिया भर में जो कुछ भी हो रहा है और भारत में जो हुआ है, उसे देखते हुए यह पूछने की जरूरत नहीं है कि किसने सटीक और निर्णायक परिणाम दिए हैं। इसका उत्तर स्पष्ट है—वायु शक्ति।
हाल के वर्षों में हुए सैन्य अभ्यासों का किया जिक्र, गिनाई उपयोगिता
उन्होंने कहा कि आधुनिक युद्ध केवल लंबी लड़ाइयों या सीमाओं तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि अब तेजी, सटीकता और रणनीतिक दबाव सबसे अहम कारक बन गए हैं। ऐसे में वायु शक्ति ने खुद को सबसे प्रभावी हथियार के रूप में स्थापित किया है। एयर चीफ ने भारतीय वायु सेना द्वारा हाल के वर्षों में किए गए अभियानों का उल्लेख करते हुए कहा कि चाहे मानवीय सहायता और रेस्क्यू ऑपरेशन हों या फिर दुश्मन के आतंकी ढांचे पर सटीक सैन्य कार्रवाई, हर मोर्चे पर वायु सेना ने अपनी उपयोगिता और ताकत साबित की है। उन्होंने सूडान से भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के ऑपरेशन का जिक्र करते हुए कहा कि संकट के समय में वायु शक्ति ने हजारों लोगों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई।
भारत अब किसी उकसावे को बर्दाश्त नहीं करेगा
इसके साथ ही उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई का भी उल्लेख किया। एयर चीफ मार्शल सिंह ने कहा कि आतंकवादी ठिकानों और उनके सरगनाओं पर सटीक प्रहार कर यह संदेश दिया गया कि भारत अब किसी भी उकसावे को बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान के भीतर कई ठिकानों पर कुछ ही घंटों में हमला कर यह साफ कर दिया गया कि भारत की सैन्य क्षमता न केवल मजबूत है, बल्कि बेहद तेज और निर्णायक भी है। अपने संबोधन में एयर चीफ ने कहा, “चाहे संघर्ष क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित निकालना हो या फिर दुश्मन को घुटनों पर लाने वाला कड़ा संदेश देना हो—यह वायु शक्ति ही थी जिसने यह करिश्मा कर दिखाया। यह उपलब्धियां इतिहास में याद रखी जाएंगी।”