डिजिटल डेस्क- नोएडा में गड्ढे में गिरकर इंजीनियर युवराज की मौत के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ा कदम उठाया है। सरकार ने नोएडा अथॉरिटी के सीईओ डॉ. लोकेश एम को पद से हटाते हुए वेटिंग लिस्ट में डाल दिया है। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री द्वारा घटना का स्वतः संज्ञान लेने के बाद की गई। सीएम योगी ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) के गठन के भी निर्देश दिए हैं, जो पांच दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपेगा। डॉ. लोकेश एम को जुलाई 2023 में नोएडा अथॉरिटी की कमान सौंपी गई थी। युवराज की मौत के बाद शुरुआती जांच में यह सामने आया कि हादसा प्राधिकरण की लापरवाही के चलते हुआ। सड़क पर खुले गड्ढे और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को घटना का प्रमुख कारण माना जा रहा है। इसी को देखते हुए सरकार ने सीधे तौर पर शीर्ष स्तर पर जिम्मेदारी तय करते हुए सीईओ को हटाने का फैसला लिया।
कल जारी हुआ था नोएडा अथॉरिटी के अधिकारियों और कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस
इससे एक दिन पहले ही नोएडा अथॉरिटी ने भी आंतरिक स्तर पर कार्रवाई करते हुए सेक्टर-150 क्षेत्र में यातायात कार्य से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। साथ ही नोएडा ट्रैफिक सेल में तैनात जूनियर इंजीनियर नवीन कुमार की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई थीं। यह कदम मामले के तूल पकड़ने के बाद उठाया गया था। हादसे के बाद प्राधिकरण की ओर से लोटस बिल्डर के आवंटन और निर्माण कार्य से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट भी तलब की गई थी। उस समय सीईओ डॉ. लोकेश एम ने निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों को लेकर सख्त निर्देश जारी किए थे और सभी विभागों को निर्माणाधीन परियोजनाओं का दोबारा सुरक्षा ऑडिट कराने के आदेश दिए थे। बावजूद इसके, सरकार ने यह मानते हुए कि व्यवस्थागत चूक गंभीर है, सीईओ को हटाने का बड़ा फैसला किया।
किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं- सीएम योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ किया है कि जन सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। SIT को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वह हादसे के सभी पहलुओं की जांच करे और यह तय करे कि किन अधिकारियों या संस्थाओं की चूक से यह घटना हुई। सरकार का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।