डिजिटल डेस्क- देश की राजधानी दिल्ली, एनसीआर और राजस्थान में लॉरेंस बिश्नोई गैंग की गतिविधियों पर पुलिस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। इसी क्रम में दिल्ली क्राइम ब्रांच और राजस्थान पुलिस की संयुक्त कार्रवाई ने गैंग को बड़ा झटका दिया है। बिश्नोई गैंग के लिए शूटर और अवैध हथियार सप्लायर की भूमिका निभा रहा प्रदीप शर्मा उर्फ गोलू आखिरकार पुलिस के जाल में फंस गया है। उसकी गिरफ्तारी को सिर्फ एक आरोपी की पकड़ नहीं, बल्कि पूरे गैंग नेटवर्क की सप्लाई चेन पर बड़ा प्रहार माना जा रहा है। दिल्ली क्राइम ब्रांच की एंटी गैंगस्टर स्क्वॉड ने राजस्थान पुलिस के साथ मिलकर इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। 23 वर्षीय प्रदीप उर्फ गोलू मूल रूप से उत्तर प्रदेश के आगरा का रहने वाला है और लंबे समय से फरार चल रहा था। उसे दिल्ली के उत्तम नगर इलाके से गिरफ्तार किया गया, जहां वह खुद को सुरक्षित मानकर छिपा हुआ था। पुलिस के मुताबिक, गोलू राजस्थान के गंगानगर जिले में दर्ज कई गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित था।
रंगदारी वसूली, फायरिंग और हथियारों की डिलीवरी थी गोलू की जिम्मेदारी
जानकारी के अनुसार गोलू कोई छोटा-मोटा अपराधी नहीं था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वह लॉरेंस बिश्नोई गैंग का ‘शार्प शूटर’ माना जाता था। रंगदारी वसूली, फायरिंग और हथियारों की डिलीवरी जैसे हाई-रिस्क काम उसी को सौंपे जाते थे। मार्च 2025 में राजस्थान में एक कारोबारी से चार करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। जब कारोबारी ने रकम देने से इनकार किया, तो उसे डराने के लिए फायरिंग की योजना बनाई गई। इस पूरी साजिश को अंजाम देने की जिम्मेदारी गोलू को दी गई।
मई 2025 में कारोबारी के घर की धी अधाधुंध फायरिंग
मई 2025 में गोलू और उसके साथियों ने कारोबारी के घर पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। इस वारदात के बाद मामला दर्ज हुआ और पुलिस की जांच में गोलू का नाम सामने आया। हालांकि, जमानत पर बाहर आने के बावजूद उसने अपराध की दुनिया नहीं छोड़ी। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि वह बिश्नोई गैंग के लिए अवैध हथियार और गोला-बारूद की सप्लाई करने लगा था। हाल ही में राजस्थान पुलिस द्वारा बरामद किए गए भारी मात्रा में हथियारों के पीछे भी गोलू की भूमिका सामने आई है। पुलिस का कहना है कि वह गैंग की हथियार सप्लाई लाइन का अहम कड़ी था। उसकी गिरफ्तारी से गैंग के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।