KNEWS DESK – बीएमसी चुनाव में करारी हार के बाद शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने जनादेश को स्वीकार करते हुए अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है। उद्धव ठाकरे ने कहा कि भले ही उनकी पार्टी के पास मेयर बनाने के लिए जरूरी आंकड़ा नहीं है, लेकिन उनकी इच्छा थी और आज भी है कि मेयर शिवसेना (यूबीटी) का बने। उन्होंने कहा कि पार्टी को सिर्फ मराठी ही नहीं, बल्कि उत्तर भारतीय समेत अन्य वर्गों के लोगों का भी समर्थन मिला है, जिसके लिए वे सभी मतदाताओं का धन्यवाद करते हैं।
शुक्रवार (16 जनवरी) को घोषित हुए नतीजों में महाराष्ट्र की 29 महानगरपालिकाओं के साथ-साथ बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के चुनाव परिणाम सामने आए। बीएमसी में बीजेपी और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना गठबंधन ने 227 में से 118 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया। सत्ता पर काबिज होने के लिए जरूरी 114 सीटों के आंकड़े को यह गठबंधन पार करने में सफल रहा।
बीजेपी ने उद्धव ठाकरे के पारंपरिक गढ़ में बड़ी सेंध लगाते हुए 89 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि शिंदे गुट की शिवसेना को 29 सीटें मिलीं। दोनों दलों की संयुक्त ताकत ने बीएमसी पर दोबारा कब्जा पक्का कर दिया।
वहीं उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के बीच हुआ गठबंधन इस चुनाव में खास असर नहीं दिखा सका। शिवसेना (यूबीटी), मनसे और एनसीपी (शरद पवार गुट) का गठबंधन कुल 72 सीटों पर सिमट गया। इसमें शिवसेना (यूबीटी) को 65 सीटें, मनसे को 6 सीटें और एनसीपी (एसपी) को सिर्फ 1 सीट मिली। गौरतलब है कि अविभाजित शिवसेना ने 1997 से करीब 25 वर्षों तक बीएमसी पर शासन किया था।
अन्य दलों की बात करें तो कांग्रेस ने 24 सीटों पर जीत हासिल की, असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम को 8 सीटें मिलीं। अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी को 3 और समाजवादी पार्टी को 2 सीटों पर जीत मिली। इसके अलावा 2 निर्दलीय उम्मीदवार भी चुनाव जीतने में सफल रहे।