KNEWS DESK- सनातन धर्म में नवरात्रि को माता दुर्गा के नौ स्वरूपों को समर्पित पावन पर्व माना गया है। साल भर में चार बार नवरात्रि पड़ती है। चैत्र नवरात्रि, शारदीय नवरात्रि और दो बार गुप्त नवरात्रि। गुप्त नवरात्रि में माता दुर्गा के नौ रूपों के अलावा दस महाविद्याओं की भी पूजा की जाती है।

माघ गुप्त नवरात्रि 2026 की तिथि
हिंदी पंचांग के अनुसार, माघ माह की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नवमी तक माघ गुप्त नवरात्रि मनाई जाती है।
- प्रारंभ: 19 जनवरी 2026, रात 01:21 बजे
- समापन: 19 जनवरी 2026, रात 02:14 बजे
इस दिन को सनातन धर्म में उदया तिथि माना जाता है। इस वर्ष माघ गुप्त नवरात्रि की शुरुआत 19 जनवरी से घटस्थापना के साथ होगी।
घटस्थापना का शुभ मुहूर्त
वैदिक गणना अनुसार 19 जनवरी 2026 को घटस्थापना के लिए शुभ समय इस प्रकार है:
- प्रातः काल मुहूर्त: सुबह 07:14 बजे से 10:46 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:11 बजे से 12:53 बजे तक
साधक अपनी सुविधा अनुसार इस समय पर कलश स्थापना कर पूजा की शुरुआत कर सकते हैं।
माघ गुप्त नवरात्रि पूजा विधि
गुप्त नवरात्रि में पूजा तांत्रिक और अघोरी पद्धति के अनुसार आधी रात में की जाती है। मुख्य विधि इस प्रकार है:
- मां दुर्गा की प्रतिमा या मूर्ति स्थापित करें।
- लाल रंग का सिंदूर चढ़ाएँ।
- सुनहरे गोटे वाली चुनरी ओढ़ाएँ।
- पूजा सामग्री मां के चरणों में अर्पित करें।
- लाल पुष्प अर्पित करें।
- सरसों के तेल से दीपक जलाएँ।
- मंत्र “ॐ दुं दुर्गायै नमः” का जाप करें।
माघ गुप्त नवरात्रि का महत्व
गुप्त नवरात्रि साधकों के लिए आत्मशुद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का माध्यम मानी जाती है। इस दिन पूजा करने से मानसिक शांति, पापक्षय और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों और दस महाविद्याओं की आराधना से जीवन में संतुलन और आध्यात्मिक जागरूकता बढ़ती है।