‘जयचंदों’ की वजह से हारी शिवसेना, कभी भी हो सकता है तख्तापलट… बीएमसी नतीजों के बाद संजय राउत का बड़ा दावा

डिजिटल डेस्क- महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव 2026 के नतीजों के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। मुंबई महानगरपालिका (BMC) में ठाकरे परिवार का दशकों पुराना वर्चस्व इस बार खत्म हो गया है। चुनावी आंकड़ों के मुताबिक, बीजेपी और एकनाथ शिंदे गुट के पास मामूली बहुमत है और इस बार मुंबई को बीजेपी का मेयर मिलने की संभावना जताई जा रही है। इसी बीच शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय राउत का तीखा बयान सामने आया है। संजय राउत ने चुनाव परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए हार के लिए अपनी ही पार्टी के भीतर मौजूद ‘जयचंदों’ को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि शिवसेना (UBT) में कुछ ऐसे लोग थे, जिन्होंने भीतरघात किया, जिसके चलते पार्टी को नुकसान उठाना पड़ा। राउत ने दावा किया कि अगर ये ‘जयचंद’ नहीं होते, तो बीजेपी की सौ पीढ़ियां भी मुंबई में मेयर नहीं बना पातीं।

12-13 सीटों में बहुत कम मार्जिन से मिली हार- राउत

राउत ने कहा कि चुनावी मुकाबला बेहद करीबी था। उन्होंने बताया कि शिवसेना की करीब 12–13 सीटें ऐसी थीं, जहां पार्टी बहुत कम वोटों से हार गई। इसके अलावा महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) को भी छह सीटें मिलीं, जबकि वह कई सीटों पर बेहद कम अंतर से हार गई। उन्होंने कहा कि अगर कुछ सीटों पर नतीजे हमारे पक्ष में आते, तो आज मुंबई की तस्वीर बिल्कुल अलग होती। शिवसेना (UBT) नेता ने यह भी स्पष्ट किया कि मौजूदा हालात में बीजेपी-शिंदे गुट के पास केवल चार सीटों का बहुमत है, जो बेहद नाजुक है। राउत ने बड़ा राजनीतिक दावा करते हुए कहा कि विपक्ष के पास इतने पार्षद हैं कि कभी भी तख्तापलट संभव है। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि उनकी पार्टी लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करती है और जनादेश का आदर करेगी।

मुंबई को अडानी और ठेकेदारों की जेब में नहीं जाने देंगे

संजय राउत ने कहा कि BMC के सदन में विपक्ष एक मजबूत ताकत के रूप में मौजूद है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि शिवसेना (UBT) मुंबई को न तो अडानी की “जेब” में जाने देगी और न ही ठेकेदारों का राज कायम होने देगी। उनके अनुसार, विपक्ष के पास 100 से ज्यादा पार्षद हैं, जो हर गलत फैसले का विरोध करेंगे। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधते हुए राउत ने कहा कि मुख्यमंत्री होने के नाते उनके पास अपार संसाधन थे, जिसका असर चुनाव पर पड़ा। उन्होंने कहा कि यह कहना गलत होगा कि बीजेपी ने मुंबई में बड़ी जीत दर्ज की है, क्योंकि असल में मुकाबला बराबरी का रहा।

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