बीएमसी नगर निगम चुनावः सिद्धिविनायक ट्रस्ट के अध्यक्ष समेत कई दिग्गजों को मिली हार

डिजिटल डेस्क- बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने जोरदार प्रदर्शन किया है। पार्टी पहली बार मुंबई में मेयर बनाने जा रही है और 227 वार्डों में से 100 से अधिक सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। इस चुनाव में कई स्टार उम्मीदवारों को हार का सामना करना पड़ा, जिनमें अरुण गवली की बेटी योगिता गवली और सिद्धिविनायक ट्रस्ट के अध्यक्ष सदा सरवंकर के बेटे समाधान सरवंकर शामिल हैं। वार्ड स्तर की बात करें तो वार्ड नंबर 185 में बीजेपी के रवि राजा को हार का सामना करना पड़ा, जो पहले बीएमसी में विपक्ष के नेता रह चुके हैं और 2024 में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए थे। वार्ड नंबर 194 में शिवसेना को झटका लगा, जहां पूर्व विधायक और सदा सरवंकर के बेटे समाधान सरवंकर चुनाव हार गए। इसी तरह, वार्ड नंबर 73 में सांसद रविंद्र वायकर की बेटी दिप्ती वायकर को हार का सामना करना पड़ा।

सोशल वर्कर योगिता गवली को भी मिली हार

बीजेपी को भी हर सीट पर सफलता नहीं मिली। वार्ड नंबर 106 में बीजेपी के प्रभाकर शिंदे को MNS के उम्मीदवार सत्यवान दाल्वी ने हराया। वहीं, वार्ड नंबर 1 में कांग्रेस उम्मीदवार शीतल मात्रे को बीजेपी की रेखा यादव ने शिकस्त दी। योगिता गवली ने पहली बार राजनीति में कदम रखा और अखिल भारतीय सेना (ABS) के टिकट पर बायकुला-चिंचपोकली इलाके के वार्ड 207 से चुनाव लड़ा। हालांकि, लंबे समय से चल रहे परिवारिक प्रभाव और जोरदार कैंपेन के बावजूद उन्हें बीजेपी उम्मीदवार रोहिदास लोखंडे ने हराया। योगिता गवली सोशल वर्क और NGO से भी जुड़ी हैं। उनकी हार को ABS के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

पूर्व विधायक के बेटे को भी मिली हार

समाधान सरवंकर के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि उनके पिता सदा सरवंकर माहिम से पूर्व विधायक रह चुके हैं। समाधान सरवंकर की पत्नी तेजस्विनी लोनारी एक्ट्रेस हैं, जो चित्तौड़ की रानी पद्मिनी के जौहर में अपनी भूमिका और बिग बॉस मराठी से चर्चा में आईं। समाधान और तेजस्विनी की शादी 4 दिसंबर, 2025 को हुई थी। उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे करीब दो दशक बाद राजनीतिक मोर्चे पर साथ आए, लेकिन उनका जादू मुंबई में नहीं चल पाया। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) 62 और राज ठाकरे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) 9 सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं।

बीएमसी चुनाव में 52.94 प्रतिशत मतदान

अधिकारियों के अनुसार इस बार बीएमसी चुनाव में 52.94 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ, जो 2017 के 55.53 प्रतिशत मतदान से कम है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका का वार्षिक बजट 74,400 करोड़ रुपये से अधिक है। चार साल की देरी के बाद यह चुनाव कराए गए। यह बीएमसी चुनाव 2022 में शिवसेना के विभाजन के बाद पहला चुनाव था। उस समय उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पार्टी के अधिकतर विधायकों के साथ अलग होकर बीजेपी के साथ गठबंधन कर मुख्यमंत्री पद संभाला था। अविभाजित शिवसेना ने 1997 से 2022 तक लगभग 25 वर्षों तक मुंबई महानगरपालिका पर दबदबा रखा था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *