KNEWS DESK – अपने बयानों को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहने वाले बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हिंदू समाज से वेदों और यज्ञ परंपरा से दोबारा जुड़ने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि यदि आज हिंदू समाज अपनी जड़ों की ओर नहीं लौटा, तो आने वाले समय में हिंदू परिवारों की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान संकट में पड़ सकती है।
शिक्षा और संस्कार पर दिया जोर
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि सनातन धर्म की मजबूती शिक्षा और संस्कारों से आती है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “यदि सनातनी वेदों का अध्ययन नहीं करेंगे और उनके मूल सिद्धांतों को नहीं अपनाएंगे, तो अगली पीढ़ियां वेदों से कट जाएंगी।” उन्होंने यह भी कहा कि धन-दौलत नश्वर है, लेकिन ज्ञान जीवन भर साथ देता है और वही पीढ़ियों को सही दिशा दिखाता है।
बागेश्वर धाम में बनेगा विशाल गुरुकुल
पीठाधीश्वर ने घोषणा की कि बागेश्वर धाम में एक विशाल गुरुकुल की स्थापना की जाएगी, जहां बच्चों को वेद विद्या और सनातन संस्कारों की शिक्षा दी जाएगी। इसका उद्देश्य नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना है, ताकि वे अपनी जड़ों को समझ सकें और उन पर गर्व कर सकें।
घर-घर ऑनलाइन हवन की पहल
आधुनिक तकनीक का सहारा लेते हुए धीरेंद्र शास्त्री ने वैदिक परंपराओं को जीवित रखने के लिए ऑनलाइन हवन अभियान की शुरुआत की है। उन्होंने बताया कि 4 जनवरी को करीब 3 लाख लोगों ने एक साथ ऑनलाइन हवन में भाग लिया था। इसी कड़ी में 12 फरवरी को रात 9 बजे फिर से सामूहिक ऑनलाइन हवन का आयोजन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जिन घरों में ब्राह्मण नहीं पहुंच पाते या जहां संसाधनों की कमी है, वहां ऑनलाइन माध्यम से मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ यज्ञ संपन्न कराया जाएगा। इसका उद्देश्य ‘घर-घर यज्ञ’ की परंपरा को फिर से जीवित करना है।
‘वेद और यज्ञ’ की ओर लौटने का संकल्प
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि उनका एकमात्र लक्ष्य देश को फिर से वेदों और यज्ञों के गौरवशाली युग की ओर ले जाना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि समाज को जागृत करने के लिए वेदों की परंपरा को घर-घर पहुंचाना जरूरी है, ताकि युवा पीढ़ी अपनी संस्कृति, संस्कार और सनातन मूल्यों पर गर्व कर सके।