KNEWS DESK- झारखंड की राजधानी रांची में स्थित प्रवर्तन निदेशालय (ED) के क्षेत्रीय कार्यालय में रांची पुलिस ने बुधवार को छापा मारा। रांची के एयरपोर्ट थाना पुलिस ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। मामले में ED के दो अधिकारियों, प्रतीक और शुभम, पर पेयजल विभाग के एक कर्मी से मारपीट करने का आरोप है। शिकायतकर्ता का दावा है कि दो दिन पहले ED अधिकारियों ने पेयजल मामले में पूछताछ के दौरान उन्हें पीटा। इस संबंध में एयरपोर्ट थाना में मामला दर्ज किया गया है।
बीजेपी और विपक्ष ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। पार्टी का आरोप है कि ED कार्यालय में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और पुलिस-प्रशासन से जुड़े हजारों करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार मामलों के महत्वपूर्ण साक्ष्य मौजूद हैं। पार्टी नेताओं ने चेतावनी दी है कि पुलिस कार्रवाई के दौरान इन साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ या उन्हें नष्ट करने की कोशिश हो सकती है।
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा कि यह कार्रवाई एजेंसियों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच में बाधा डालने की कोशिश है। उन्होंने कहा, “झारखंड को बंगाल नहीं बनने देंगे। भ्रष्टाचार की सजा मिलेगी।”
प्रदेश बीजेपी प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि हेमंत सरकार ने बदले की भावना से ED के कार्यालय में रेड करवाई है। उन्होंने चेताया कि संवैधानिक संस्था पर ऐसी कार्रवाई का हेमंत सरकार को दूरगामी परिणाम झेलने होंगे। शाहदेव ने कहा कि ED पहले ही कई मामलों में हेमंत सोरेन और उनके मंत्रियों तथा विधायकों की जांच कर चुका है और यह कार्रवाई राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित लगती है।
इस घटना ने राज्य में राजनीतिक और प्रशासनिक बहस को और गर्मा दिया है। मामले की जांच और ED अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड पर है।