KNEWS DESK- आजकल लाइफस्टाइल से जुड़ी समस्याएं बहुत कॉमन हो गई हैं। सोने-जागने का समय बिगड़ना, अनियमित खानपान और बढ़ता स्ट्रेस न सिर्फ छोटी हेल्थ प्रॉब्लम लाता है, बल्कि बड़ी बीमारियों का कारण भी बनता है। इसी का असर महिलाओं के चेहरे पर भी देखने को मिल रहा है, जहां जॉ लाइन, अपर लिप और ठोड़ी पर पुरुषों जैसे मोटे बाल उगने लगे हैं।
महिलाओं के चेहरे पर बाल बढ़ने की समस्या क्यों बढ़ रही है?
SkinQure के हेयर ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ. जांगिड़ के अनुसार, महिलाओं में चेहरे पर मोटे और खुरदरे बालों की ग्रोथ को मेडिकल टर्म में हिर्सुटिज़्म कहा जाता है। इस कंडीशन में होंठ के ऊपर, ठोड़ी और कभी-कभी चेस्ट और पीठ पर भी बाल उगने लगते हैं।
मुख्य कारण हार्मोनल बदलाव होते हैं। महिलाओं के शरीर में मेल और फीमेल दोनों हार्मोन्स होते हैं। अगर मेल हार्मोन्स (एंड्रोजन) ज्यादा हो जाएं, तो शरीर के कुछ हिस्सों पर बाल उगने लगते हैं।
किन महिलाओं में ज्यादा चांस है?
डॉ. जांगिड़ कहते हैं कि यह समस्या अक्सर जेनेटिक होती है और लगभग 20-30 प्रतिशत महिलाओं में देखने को मिलती है। इसके अलावा, खराब लाइफस्टाइल, दवाओं का सेवन और PCOD/PCOS जैसी कंडीशन भी इसके लिए जिम्मेदार हो सकती हैं।

PCOD/PCOS में:
- मेल हार्मोन (एंड्रोजन) बढ़ जाते हैं।
- टीनएज (16-18 साल) में ये लक्षण बढ़ सकते हैं।
इसके सामान्य लक्षण
PCOD/PCOS के कारण महिलाओं में निम्न लक्षण देखने को मिल सकते हैं:
- पीरियड्स का अनियमित होना
- वजन बढ़ना
- स्कैल्प पर हेयर लॉस
- चेहरे पर फेशियल हेयर ग्रोथ
- स्किन प्रॉब्लम जैसे मुंहासे
ट्रीटमेंट क्या है?
डॉ. जांगिड़ के अनुसार, सबसे पहले हार्मोन लेवल का टेस्ट किया जाता है। इसके बाद हार्मोन बैलेंसिंग मेडिसिन दी जाती है। लाइफस्टाइल मैनेजमेंट किया जाता है। यह ट्रीटमेंट 3 से 6 महीने तक चलता है। ट्रीटमेंट पूरा होने के बाद अधिक बाल उगने की संभावना कम हो जाती है।
हेयर रिमूवल ट्रीटमेंट
फेस हेयर हटाने के लिए महिलाएं अक्सर वैक्सिंग या DIY हैक्स अपनाती हैं। लेकिन डॉ. जांगिड़ के अनुसार, इससे समस्या बढ़ सकती है। लेजर हेयर रिडक्शन सबसे प्रभावी तरीका है। 6 से 8 सिटिंग में 70-80% बाल हट जाते हैं। ट्रीटमेंट के बाद नए बालों की ग्रोथ कम होती है।
यदि महिलाओं के चेहरे पर बाल बढ़ने लगे हैं, तो पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। साथ ही, लाइफस्टाइल सुधार और सही ट्रीटमेंट अपनाने से समस्या को स्थायी रूप से कम किया जा सकता है।