बागपतः महिला शिक्षक ने राष्ट्रपति को भेजा खून से लिखा ज्ञापन, परिवार सहित इच्छा मृत्यु की मांग की

शिव शंकर सविता- उत्तर प्रदेश के बागपत जिले से एक बेहद संवेदनशील और चिंताजनक खबर सामने आई है। हजारी लाल इंटर कॉलेज में तैनात एक महिला शिक्षक ने मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न के आरोपों के साथ प्रशासन को खून से लिखा ज्ञापन सौंपा है। शिक्षिका ने पत्र में साफ तौर पर कहा कि वह अब प्रताड़ना सहन करने में असमर्थ हैं और परिवार सहित मृत्यु की इच्छा रखती हैं। इस घटना ने जिले के प्रशासनिक अमले में हड़कंप मचा दिया है। मूल रूप से बुलंदशहर की रहने वाली नेहा (काल्पनिक नाम) का चयन वर्ष 2022 में हुआ था। नेहा का आरोप है कि उनकी तैनाती के बाद से ही कॉलेज के तत्कालीन प्रिंसिपल और वर्तमान प्रबंधक राजेंद्र सिंह भाटी द्वारा उन्हें लगातार मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। शिक्षिका का कहना है कि इस प्रताड़ना के चलते उनकी पेशेवर और व्यक्तिगत जिंदगी पूरी तरह प्रभावित हुई है।

शिक्षिका के समर्थन में पहुंचे बड़ी संख्या में लोग, की नारेबाजी

सोमवार को नेहा अपने परिवार और अन्य नागरिकों के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचीं। इस दौरान शिक्षिका के समर्थन में बड़ी संख्या में लोग भी जमा हुए और कॉलेज प्रबंधक के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। विरोध प्रदर्शन के दौरान एक बेहद असामान्य और डरावना तरीका अपनाया गया। प्रदर्शनकारियों ने अपना खून इकट्ठा किया और उससे महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन लिखा। इस ज्ञापन में नेहा ने लिखा कि प्रशासन की उदासीनता उन्हें आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर कर रही है। शिक्षिका ने अपनी शिकायत में बताया कि उन्होंने इस मामले को लेकर जिला प्रशासन से लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक कई बार गुहार लगाई, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। प्रशासनिक उदासीनता के कारण ही उन्होंने इस असामान्य और गंभीर कदम का रास्ता अपनाया।

जिलाधिकारी ने दिया आश्वासन

इस घटना के तुरंत बाद मानवाधिकार संगठन भी मामले में सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने प्रशासन से अनुरोध किया है कि शिक्षिका की शिकायत की निष्पक्ष जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। बागपत की जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए ज्ञापन स्वीकार किया और आश्वासन दिया कि शिक्षिका की शिकायत की पूरी गहराई से जांच की जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कॉलेजों और शिक्षा संस्थानों में निगरानी और शिकायत निवारण तंत्र को और मजबूत किया जाएगा।

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