शिव शंकर सविता- उत्तर प्रदेश के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत की बड़ी खबर सामने आई है। यूपी पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने राज्य में बिजली मीटर और नए कनेक्शन से जुड़ी संशोधित दरें लागू कर दी हैं। नई दरों के लागू होने से अब घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली का नया कनेक्शन लेना पहले की तुलना में काफी सस्ता हो गया है। इसके साथ ही, नियामक आयोग के आदेश के बावजूद बीते महीनों में उपभोक्ताओं से की गई अतिरिक्त वसूली को लेकर कॉरपोरेशन पर 116 करोड़ रुपये लौटाने का दबाव बढ़ गया है। नवीनतम ‘कॉस्ट डाटा बुक’ लागू होने के बाद 1 किलोवाट और 2 किलोवाट के घरेलू कनेक्शन की लागत में भारी कटौती की गई है। पहले जहां इस श्रेणी के कनेक्शन के लिए उपभोक्ताओं को करीब 6,400 रुपये तक खर्च करने पड़ते थे, वहीं अब यही कनेक्शन लगभग 3,198 रुपये में उपलब्ध होगा। नई व्यवस्था के तहत उपभोक्ताओं से अब सिक्योरिटी धनराशि भी नहीं ली जाएगी, जिससे कनेक्शन की प्रक्रिया और आसान हो गई है।
थ्री-फेज स्मार्ट मीटर की भी घटी कीमत
बिजली मीटर की कीमतों में भी बड़ा बदलाव किया गया है। नियामक आयोग के आदेश के अनुसार, सिंगल फेज स्मार्ट प्रीपेड मीटर की कीमत अब 2,800 रुपये तय की गई है। इससे पहले बिजली कंपनियां इसी मीटर के लिए 6,016 रुपये तक वसूल रही थीं। इसी तरह, थ्री-फेज स्मार्ट मीटर की कीमत घटाकर 4,100 रुपये कर दी गई है। नए शुल्क ढांचे के अनुसार, सिंगल फेज मीटर पर 2,800 रुपये के अलावा 398 रुपये लाइन चार्ज लिया जाएगा, जबकि थ्री-फेज मीटर पर 4,100 रुपये के साथ 2,236 रुपये लाइन चार्ज देना होगा। हालांकि, केबल चार्ज उपभोक्ताओं को अलग से वहन करना होगा।
विद्युत उपभोक्ता परिषद ने लगाया यूपीपीसीएल पर बड़ा आरोप
इस बीच, उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने बड़ा दावा किया है कि सितंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच करीब साढ़े तीन लाख उपभोक्ताओं से नए कनेक्शन के नाम पर पुरानी और महंगी दरों पर वसूली की गई। परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा के मुताबिक, 10 सितंबर 2025 से 11 जनवरी 2026 के बीच कुल 3,59,261 नए कनेक्शनों के लिए उपभोक्ताओं से पुराने रेट पर एस्टीमेट जमा कराया गया। उन्होंने बताया कि नियामक आयोग ने 31 दिसंबर 2025 को ही नई दरों को मंजूरी दे दी थी, लेकिन इसके बावजूद पावर कॉरपोरेशन ने 10 जनवरी 2026 तक पुराने और ऊंचे रेट पर ही शुल्क वसूलना जारी रखा। परिषद का अनुमान है कि इस अवधि में उपभोक्ताओं से लगभग 116 करोड़ रुपये की अतिरिक्त वसूली की गई है।
उपभोक्ता परिषद ने की मांग
उपभोक्ता परिषद ने मांग की है कि UPPCL अपने सॉफ्टवेयर सिस्टम में आवश्यक बदलाव कर इस अतिरिक्त राशि को उपभोक्ताओं के आगामी बिजली बिलों में समायोजित करे, ताकि उन्हें राहत मिल सके। परिषद का कहना है कि यह पैसा उपभोक्ताओं का है और इसे लौटाना कॉरपोरेशन की जिम्मेदारी है। इसके साथ ही परिषद ने अविकसित और अविद्युतीकृत कॉलोनियों के निवासियों के हित में भी आवाज उठाई है। मौजूदा नियमों के तहत 150 किलोवाट तक और 300 मीटर दूरी के भीतर बिना एस्टीमेट के बिजली कनेक्शन देने की सुविधा केवल पहले से विद्युतीकृत इलाकों में ही लागू है। परिषद अब नियामक आयोग के समक्ष प्रस्ताव रखेगी कि यह सुविधा अविकसित कॉलोनियों में भी दी जाए।