उत्तराखंड: सिस्टम पर सवाल, किसान की आत्महत्या पर बवाल ! 

उत्तराखंड- प्रदेश उत्तराखंड में एक और दिल दहलाने वाला मामला सामने आ गया है। इस बार आरोप कानून व्यवस्था का दावा करने वाली मित्र पुलिस पर लगा है। नैनीताल जिले के काठगोदाम थाना क्षेत्र स्थित एक होटल में उधम सिंह नगर के एक किसान ने आत्महत्या कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। किसान ने खौफनाक कदम उठाने से पहले एक वीडियो भी बनाई। जिसमें किसान द्वारा प्रॉपर्टी डीलरों समेत उधम सिंह पुलिस अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वीडियो में किसान करीब 4 करोड़ रुपए के कथित जमीन फर्जीवाड़े के बाद से मानसिक तनाव में आने की बात भी कर रहा है उधर, वीडियो सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है फिलहाल, किसान की पत्नी और बेटे के बयान दर्ज कर पुलिस आगे की कार्रवाई में जुट गई है। काशीपुर के किसान आत्महत्या मामले में मृतक द्वारा वायरल वीडियो में गंभीर आरोप लगाने के बाद एस एसपी मणिकांत मिश्रा की सख्त कार्रवाई सामने आई है। एसएसपी ने लापरवाही पर थाना आईटीआई एसओ और उपनिरीक्षक को निलंबित किया है, जबकि चौकी पैगा की पूरी टीम को लाइन हाजिर किया गया है। वहीं एक बार विपक्ष को क़ानूनी व्यवस्था को लेकर सरकार निशाना साधने का मौका मिल गया है इसी पूरी घटना से इलाके में दहशत का माहौल बन चूका है। धामी सरकार ने इस घटना पर मजिस्ट्रेटियल जांच के आदेश कर दिए लेकिन किसान की मौत पर कई संचय अभी भी बने हुए है।

हल्द्वानी के गौलापार क्षेत्र स्थित एक निजी होटल में उधम सिंह नगर के काशीपुर निवासी 40 वर्षीय सुखवंत सिंह ने आत्महत्या कर ली जिससे क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है। आत्महत्या से पहले सुखवंत सिंह ने फेसबुक लाइव आकर एक वीडियो भी जारी किया. जिसमें उधम सिंह नगर के पुलिस अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वीडियो में सुखवंत आरोप लगाते हुए कहता नजर आ रहा है कि पैसे लेकर उसे बेहद परेशान किया गया, जिससे वो मानसिक रूप से बेहद टूट चुका था। आरोप है कि प्रॉपर्टी डीलरों की ओर से धोखा दिए जाने से उसने आत्मघाती कदम उठाया। वीडियो सामने आते ही उधम सिंह नगर पुलिस में हड़कंप मच गया है जबकि, इधर, नैनीताल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। नैनीताल पुलिस ने सुसाइड नोट और वीडियो साक्ष्य को कब्जे में ले लिया गया है जिसके बाद पंचनामे की कार्रवाई की गई। साथ ही मृतक के साथ होटल में मौजूद पत्नी और बेटे के बयान भी दर्ज कर लिए गए हैं। वहीं घटना की गंभीरता को देखते हुए धामी सरकार ने इस घटना पर मजिस्ट्रेट जांच के आदेश कर दिए।

अब किसान की आत्महत्या से पूरे क्षेत्र में मातम पसर गया और परिजनों की चीख-पुकार से हर आँख नम हो गई, जिसके बाद उनके अंतिम संस्कार में सत्ता पक्ष और विपक्ष के तमाम कद्दावर नेताओं का जमावड़ा लग गया। अंतिम विदाई के इस मौके पर कांग्रेस और भाजपा के कई विधायक व पदाधिकारी पहुंचे जिन्होंने शोकाकुल परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा तो दिया, वहीं मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रकरण में लापरवाही बरतने के आरोप में उपनिरीक्षक, कुंदन सिंह रौतेला (थानाध्यक्ष, कोतवाली आईटीआई) और उपनिरीक्षक प्रकाश बिष्ट (कोतवाली आईटीआई) के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई करते हुए दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। इसके साथ ही चौकी पैगा, कोतवाली आईटीआई पर तैनात 10 पुलिसकर्मियों को भी तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर किया गया है।

आपको बता दें कि हल्द्वानी के काठगोदाम गौलापार स्थित एक होटल में आत्महत्या करने वाले किसान का शव देर शाम काशीपुर पहुंचा, इस दौरान मृतक के घर पर लोगों का जमावड़ा लग गया। काफी तादाद में किसान उनके घर पहुंचे। इस दौरान परिजनों ने तीन मांगें प्रशासन के सामने रखी थी, जिनमें से दो मांगों पर प्रशासन की तरफ से आश्वासन मिला है, जिस पर परिजनों ने सहमति जताई है। वहीं इस घटना पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए हैं। जांच कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत को सौंपी गई है लेकिन सवाल इस बात को लेकर है कि क्या मित्र पुलिस कहे जाने वाली देवभूमि की पुलिस रक्षक की जगह भक्षक बन जाएगी, तो कानून व्यवस्था का आप खुद ही अंदाजा लगा सकते है की अब यहाँ आम नागरिक की सुरक्षा सिर्फ राम भरोसे ही है।

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