डिजिटल डेस्क- केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के बयान पर जोरदार हमला बोला है। तेजस्वी यादव द्वारा “सरकार के 100 दिन का काम देखने के बाद बोलने” वाले बयान को लेकर चिराग ने कहा कि इस तरह की सोच ही राजद और कांग्रेस के जनाधार खिसकने की सबसे बड़ी वजह बनी है। उन्होंने इसे जनादेश का अपमान बताते हुए कहा कि यही कारण है कि जनता ने इन दलों को नकार दिया। चिराग पासवान ने मीडिया से बातचीत में कहा कि राजद और कांग्रेस हमेशा वोट चोरी की बात करते हैं, जबकि सच्चाई यह है कि इनका जनाधार ही चोरी हो चुका है। उन्होंने कहा कि जब चुनाव परिणाम इनके पक्ष में होते हैं तो सब कुछ ठीक लगता है, लेकिन हार मिलते ही कभी ईवीएम पर सवाल उठाए जाते हैं, तो कभी एसआईआर को दोषी ठहराया जाता है। यह दोहरा मापदंड लोकतंत्र के लिए खतरनाक है।
इनकी सरकार बनती है तो ईवीएम भरोसेमंद हो जाती है- चिराग पासवान
उन्होंने आगे कहा कि अगर ईवीएम से इनके राज्यों में कांग्रेस या राजद की सरकार बनती है तो वही ईवीएम भरोसेमंद हो जाती है, लेकिन जहां हार होती है वहां घपले का आरोप लगा दिया जाता है। चिराग ने कहा कि जब तक यह दल आत्ममंथन नहीं करेंगे, तब तक इनके पैरों तले से जमीन खिसकती रहेगी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 2005 के बाद से बिहार की राजनीति में जनता का रुझान साफ दिखाई देने लगा था। 2010 में एनडीए को मिले जनादेश के बाद राजद और कांग्रेस को अपनी स्थिति का अंदाजा हो गया था। उन्होंने दावा किया कि 2015 में अगर नीतीश कुमार साथ नहीं होते तो राजद कभी सत्ता में लौट ही नहीं पाती। इसी तरह 2020 में यदि एनडीए एकजुट रहता और अलग-अलग चुनाव नहीं लड़े जाते, तो राजद का पुनरुद्धार संभव नहीं होता।
तेजस्वी का विस सत्र से गायब रहना दुर्भाग्यपूर्ण
तेजस्वी यादव पर व्यक्तिगत हमला बोलते हुए चिराग ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष जैसे संवैधानिक पद पर रहते हुए उनका लंबे समय तक विधानसभा सत्र से गायब रहना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने सवाल किया कि हार के इतने समय बाद भी तेजस्वी ने न तो अपने विधायकों से संवाद किया और न ही कार्यकर्ताओं के साथ हार के कारणों पर चर्चा की। यह संवादहीनता ही पार्टी के पतन का कारण बन रही है। चिराग पासवान ने तंज कसते हुए कहा कि इस बार राजद किसी तरह डबल डिजिट तक पहुंच पाई है और अगर यही रवैया रहा तो आने वाले समय में नेता प्रतिपक्ष के पद के लिए जरूरी संख्या तक भी पहुंचना मुश्किल हो जाएगा।
तेजस्वी यादव को पहले अपनी हार पर जवाब देना चाहिए- चिराग
100 दिनों तक कुछ नहीं बोलने वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए चिराग ने कहा कि बिल्कुल मत बोलिए, जब बोलने के लिए कुछ होगा तभी बोलिएगा। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव को पहले अपनी हार पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए याद दिलाया कि चुनाव परिणाम से पहले 18 तारीख को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने की बातें की जा रही थीं। यही अहंकार, कार्यशैली और संवादहीनता जनता के फैसले का कारण बनी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि चाहे 100 दिन चुप रहें या 5 साल, इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा, क्योंकि जनता ने अपना फैसला सुना दिया है।