डिजिटल डेस्क- उत्तर प्रदेश सरकार में परिवहन मंत्री और बलिया सदर से विधायक दयाशंकर सिंह ने शनिवार को एक कार्यक्रम के दौरान ऐसा बयान दिया, जिसने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है। उन्होंने कहा कि अगर किसी हिजाब पहनने वाली महिला में योग्यता और क्षमता है, तो वह भी भारत की प्रथम नागरिक यानी राष्ट्रपति बन सकती है। दयाशंकर सिंह ने यह बात बलिया कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित कंबल वितरण कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत में कही। दरअसल, कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों ने एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के हालिया बयान का जिक्र करते हुए दयाशंकर सिंह से सवाल किया था। इसी सवाल के जवाब में परिवहन मंत्री ने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है, जहां पद और सम्मान किसी धर्म, पहनावे या वर्ग से तय नहीं होते, बल्कि योग्यता और क्षमता से तय होते हैं। उन्होंने कहा, “अगर किसी हिजाब वाली महिला में योग्यता है, तो वह भी देश की प्रथम महिला यानी राष्ट्रपति बन सकती है। इसमें किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए।”
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का दिया उदाहरण
दयाशंकर सिंह ने मौजूदा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का उदाहरण देते हुए कहा कि वह एक सामान्य परिवार से आती हैं और आज देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन हैं। यह पूरे देश की महिलाओं के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि द्रौपदी मुर्मू का राष्ट्रपति बनना इस बात का प्रमाण है कि भारत में लोकतंत्र मजबूत है और यहां हर वर्ग, हर समाज और हर महिला को आगे बढ़ने का अवसर मिलता है। महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर बात करते हुए परिवहन मंत्री ने कहा कि महिलाओं का सम्मान हर जगह और हर परिस्थिति में होना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को किसी खास वर्ग या पहचान में बांटने की बजाय उन्हें हर क्षेत्र में आगे बढ़ने का मौका दिया जाना चाहिए। शिक्षा, राजनीति, प्रशासन और रोजगार हर जगह महिलाओं की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि समाज को महिलाओं को बराबरी का दर्जा देना चाहिए, तभी देश वास्तविक रूप से प्रगति कर सकेगा।
अखिलेश यादव पर भी बोला तीखा हमला
इसके अलावा दयाशंकर सिंह ने एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) और एनआरसी को लेकर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयानों पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव जनता को गुमराह करने का काम कर रहे हैं। दयाशंकर सिंह ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव खुद अपने कार्यकर्ताओं से हर जगह एसआईआर का काम करवा रहे हैं, लेकिन सार्वजनिक रूप से इसके खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं। परिवहन मंत्री ने सवाल उठाया कि जिन लोगों का नाम मतदाता सूची से कट गया है या जिनका नाम सूची में नहीं है, उनकी सूची सार्वजनिक क्यों नहीं की जाती। उन्होंने कहा कि संभव है कि ऐसे कई लोग हों, जिनके नाम चार-चार जगह वोटर लिस्ट में दर्ज हों। ऐसे मामलों में नियमों के तहत केवल एक जगह नाम रखा जाएगा और बाकी जगहों से हटाया जाएगा। इसे लेकर भ्रम फैलाने की कोई जरूरत नहीं है।