डिजिटल डेस्क- ईरान में बीते दो हफ्तों से जारी विरोध प्रदर्शन अब देश के लिए सबसे बड़े राजनीतिक और सामाजिक संकट का रूप लेते नजर आ रहे हैं। राजधानी तेहरान से लेकर देश के 100 से ज्यादा शहरों तक हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतरकर ईरानी शासन और धार्मिक नेतृत्व के खिलाफ खुलकर नारेबाजी कर रहे हैं। आर्थिक बदहाली, महंगाई और बेरोजगारी से उपजे इस जनआक्रोश ने अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी असर दिखाना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में ब्रिटेन की राजधानी लंदन स्थित ईरानी दूतावास में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। केंसिंग्टन इलाके में स्थित दूतावास भवन पर एक प्रदर्शनकारी चढ़ गया और वहां फहराए जा रहे इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के झंडे को उतार दिया।
झंडा हटाते हुए शेर और सूर्य प्रतीक वाला झंडा फहराया
इसके बाद प्रदर्शनकारी ने उसकी जगह 1979 की इस्लामी क्रांति से पहले इस्तेमाल होने वाला ऐतिहासिक ‘शेर और सूर्य’ के प्रतीक चिन्ह वाला झंडा फहरा दिया। यह दृश्य सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसने इस पूरे मामले को और संवेदनशील बना दिया। मेट्रोपॉलिटन पुलिस के अनुसार, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दो प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया। एक व्यक्ति को जबरन घुसपैठ और आपातकालीन कर्मी पर हमले के संदेह में गिरफ्तार किया गया, जबकि दूसरे को केवल जबरन घुसपैठ के आरोप में हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने यह भी बताया कि वे इस मामले में एक तीसरे व्यक्ति की तलाश कर रहे हैं।
दूतावास की बढ़ाई गई सुरक्षा
पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और दूतावास की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। ईरानी झंडे की जगह फहराया गया ‘शेर और सूर्य’ का झंडा अपने आप में एक मजबूत राजनीतिक संदेश माना जा रहा है। यह झंडा ईरान की राजशाही से जुड़ा है और 1979 की इस्लामी क्रांति तक देश का आधिकारिक ध्वज था। शाह के सत्ता से हटने के बाद धार्मिक नेतृत्व वाली सरकार ने इस्लामिक रिपब्लिक का मौजूदा झंडा अपनाया था।