KNEWS DESK- मकर संक्रांति हिंदू धर्म का एक प्रमुख और पुण्यदायी पर्व माना जाता है। इस दिन सूर्य देव धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं, जिसे उत्तरायण की शुरुआत भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मकर संक्रांति पर स्नान, दान और पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।

उत्तर भारत में इस दिन खिचड़ी बनाकर सूर्य देव को भोग लगाने की परंपरा है। कहा जाता है कि मकर संक्रांति पर बनाई गई खिचड़ी का दान और सेवन करने से पुण्य की प्राप्ति होती है और घर में सुख-समृद्धि आती है।
मकर संक्रांति पर खिचड़ी का धार्मिक महत्व
शास्त्रों के अनुसार, खिचड़ी में इस्तेमाल होने वाली सामग्री जैसे चावल, दाल, घी और हल्दी सात्विक मानी जाती हैं। जब इन शुद्ध चीजों से बनी खिचड़ी सूर्य देव को अर्पित की जाती है, तो यह नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर सकारात्मकता बढ़ाती है।
मान्यता है कि इस दिन खिचड़ी का भोग लगाने से स्वास्थ्य, धन और खुशहाली का आशीर्वाद मिलता है।
मकर संक्रांति की विशेष खिचड़ी बनाने की सामग्री
- चावल – 1 कप
- मूंग दाल – ½ कप (धुली या छिलके वाली)
- देसी घी – 3 चम्मच
- हल्दी – ½ चम्मच
- सेंधा नमक – स्वादानुसार
- जीरा – ½ छोटा चम्मच
- हींग – 1 चुटकी
- पानी – जरूरत के अनुसार
मकर संक्रांति पर खिचड़ी बनाने की आसान विधि
प्रसाद के लिए खिचड़ी बनाते समय सात्विक नियमों का पालन करना जरूरी होता है।
- सबसे पहले चावल और मूंग दाल को अच्छी तरह साफ करके धो लें।
- कुकर में देसी घी डालकर हल्की आंच पर गर्म करें।
- अब इसमें जीरा और हींग डालें, जीरा चटकते ही हल्दी डाल दें।
- इसके बाद चावल और दाल डालकर 4–5 मिनट तक हल्का भूनें।
- अब पानी और सेंधा नमक डालें।
- कुकर का ढक्कन बंद कर लगभग 3 सीटी आने तक पकाएं।
- गैस बंद करें और खिचड़ी को थोड़ा ठंडा होने दें।
खिचड़ी का भोग लगाने की सही विधि
- सुबह स्नान कर साफ वस्त्र धारण करें।
- सूर्य देव की पूजा करें और जल अर्पित करें।
- खिचड़ी को साफ बर्तन में निकालकर सूर्य देव को भोग लगाएं।
- भोग के बाद खिचड़ी को प्रसाद के रूप में सभी को वितरित करें।
मकर संक्रांति पर श्रद्धा और नियम से बनाई गई खिचड़ी न सिर्फ धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी मानी जाती है। इस दिन खिचड़ी का दान और सेवन करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है।