डिजिटल डेस्क- जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ चल रहे सख्त अभियानों के बीच शनिवार को एक अजीब और संदिग्ध मामला सामने आया, जिसने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। अखनूर जिले के कराह गांव में नियंत्रण रेखा (LoC) के पास एक संदिग्ध कबूतर बरामद किया गया है, जिसके शरीर पर कोडित छल्ले, मुहर और विशेष पहचान चिह्न पाए गए हैं। इस घटना के बाद इलाके में सतर्कता बढ़ा दी गई है और सुरक्षा एजेंसियां हर पहलू से जांच में जुट गई हैं। जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह गांव के एक 13 वर्षीय स्थानीय लड़के आर्यन ने खेतों के पास इस कबूतर को पकड़ा। कबूतर असामान्य रूप से शांत था और उसके पैरों व पंखों पर लगे छल्लों और मुहरों ने तुरंत शक पैदा कर दिया। आर्यन ने इसकी सूचना ग्रामीणों को दी, जिसके बाद सुरक्षा बलों को जानकारी दी गई। मौके पर पहुंची टीम ने कबूतर को अपने कब्जे में लेकर प्राथमिक जांच शुरू की।
रहमत सरकार के साथ लिखा है विशेष कोड
अधिकारियों के मुताबिक, यह हल्के भूरे रंग का कबूतर है, जिसके दोनों पंखों पर दो-दो काली धारियां हैं। सबसे चौंकाने वाली बात इसके पैरों में लगे रंगीन छल्ले हैं। कबूतर के बाएं पैर में लाल रंग की अंगूठी है, जिस पर ‘रहमत सरकार (03158080213)’ लिखा हुआ है। वहीं दाहिने पैर में पीले रंग की अंगूठी है, जिस पर ‘रिजवान 2025 (017282)’ अंकित है। इसके अलावा कबूतर के पंखों पर भी एक स्पष्ट मुहर लगी हुई पाई गई है। सुरक्षा एजेंसियों ने बताया कि कबूतर के पंखों पर “नौशेरा आलिंग कबूतर क्लब” की मुहर लगी हुई है। नौशेरा पाकिस्तान का एक शहर है, जिससे यह आशंका और गहराती है कि यह कबूतर सीमा पार से उड़कर भारतीय क्षेत्र में पहुंचा हो सकता है। पाकिस्तानी शहर का नाम, कोडित शब्द और नंबर, तथा रंगीन छल्ले इस मामले को सामान्य नहीं रहने देते।
पुलिस ने कब्जे में लिया कबूतर
हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कबूतर किसी जासूसी गतिविधि या साजिश का हिस्सा है या नहीं, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां इसे हल्के में नहीं ले रही हैं। आशंका जताई जा रही है कि पहले के वर्षों की तरह कबूतर का इस्तेमाल संदेश भेजने या किसी तरह की सूचना साझा करने के लिए किया गया हो सकता है। इसी वजह से मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच तेज कर दी गई है। बरामद कबूतर को आगे की जांच के लिए पल्लनवाला पुलिस को सौंप दिया गया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कबूतर कहां से आया, इन कोडित नामों और नंबरों का क्या मतलब है और क्या इसका संबंध किसी सीमा पार नेटवर्क से जुड़ा है। इसके साथ ही सुरक्षा एजेंसियां यह भी जांच कर रही हैं कि हाल के दिनों में सीमा के आसपास किसी तरह की संदिग्ध गतिविधि तो नहीं हुई है।