शिव शंकर सविता- उत्तर प्रदेश में चुनाव से पहले सियासी माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। मतदाता सूची और वोटर सुरक्षा को लेकर चल रही बहस के बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को लखनऊ में एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। अखिलेश ने दावा किया कि प्रदेश में वोटर लिस्ट से छेड़छाड़ की जा रही है और प्रशासनिक मशीनरी का इस्तेमाल सत्तारूढ़ दल के पक्ष में किया जा रहा है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में चल रही SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया पूरी तरह से गलत तरीके से की जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि यह काम गृह विभाग के अधिकारियों से क्यों कराया जा रहा है, जबकि इसका दायित्व चुनाव आयोग का होना चाहिए। सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि सरकार हर बूथ पर करीब 200 वोट बढ़ाने के लिए अधिकारियों को भेज रही है और जहां भाजपा गड़बड़ी करेगी, वहां एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
एक ट्वीट में उनकी जान निकल जाती है- अखिलेश यादव
अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी ने सभी बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) के लिए एफआईआर का एक प्रारूप तैयार कर लिया है, जिसमें सिर्फ नाम भरकर थाने में शिकायत दी जा सकेगी। जब उनसे पूछा गया कि अगर एफआईआर दर्ज नहीं की गई तो आगे क्या कदम उठाए जाएंगे, तो उन्होंने तीखा जवाब देते हुए कहा कि “एक ट्वीट में उनकी जान निकल जाती है” और इसके अलावा कोर्ट का रास्ता भी उनके पास खुला है। महिला सुरक्षा के मुद्दे पर भी अखिलेश यादव ने सरकार को घेरा। उन्होंने मेरठ की एक घटना का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि उसमें भाजपा से जुड़े लोग शामिल हैं, इसलिए कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बेटियों और महिलाओं की सुरक्षा बेहद कमजोर है और अपराध के आंकड़े इस सच्चाई को बयां करते हैं। अखिलेश ने यह भी आरोप लगाया कि रामजी सुमन को उनके कार्यक्रम में जाने से रोका गया, जिससे यह सवाल उठता है कि सरकार आखिर क्या छुपाने की कोशिश कर रही है।
मुख्यमंत्री की बातों से संदेह पैदा होता है- अखिलेश यादव
वोट कटने की साजिश को लेकर अखिलेश यादव ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि SIR प्रक्रिया में कई विभागों के अधिकारियों को शामिल किया गया। उन्होंने बताया कि ड्राफ्ट वोटर लिस्ट आने से पहले ही मुख्यमंत्री ने चार करोड़ वोट कटने की बात कही थी, जो अपने आप में संदेह पैदा करती है। सपा प्रमुख का दावा है कि यह पूरी प्रक्रिया PDA (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) समाज के वोट काटने और अपने पक्ष के वोट बढ़ाने की साजिश है। अखिलेश यादव ने कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग और भारत निर्वाचन आयोग की वोटर लिस्ट में बड़ा अंतर सामने आया है। उन्होंने दावा किया कि मेरठ और लखनऊ जैसे शहरों में बड़े पैमाने पर वोट काटे गए हैं और लाखों मतदाता सूची से गायब हो गए हैं। सपा प्रमुख के अनुसार, SIR के तहत 2.89 करोड़ वोट काटे गए, जबकि पंचायत स्तर पर 40 लाख वोट जोड़े गए, जो पूरी प्रक्रिया को विवादों के घेरे में खड़ा करता है।