KNEWS DESK – उत्तर प्रदेश के चर्चित उन्नाव रेप केस को लेकर एक बार फिर सियासी और कानूनी हलकों में हलचल तेज हो गई है. मामला पहले ही दिल्ली हाई कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है और अब इसमें सामने आए नए तथ्यों ने बहस को और गहरा कर दिया है. सच और झूठ का अंतिम फैसला अदालत ही करेगी, लेकिन हालिया खुलासे बेहद चौंकाने वाले बताए जा रहे हैं.
दरअसल, एक ऑडियो सामने आया है, जिसमें मोबाइल फोन पर दो लोगों के बीच बातचीत होने का दावा किया जा रहा है. इस ऑडियो को लेकर KNEWS इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं करता, न ही यह साबित करता है कि इसमें जिन लोगों की आवाज होने का दावा किया जा रहा है, वे वही व्यक्ति हैं. हालांकि, ऑडियो में कही जा रही बातें गंभीर सवाल खड़े करती हैं.
ऑडियो में क्या है दावा?
बताया जा रहा है कि इस ऑडियो में पीड़िता और उसका रिश्तेदार, जिसे चाचा कहा जा रहा है, के बीच बातचीत है. ऑडियो किस तारीख का है, इसकी भी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. बातचीत में कथित तौर पर चाचा, लड़की से यह कहता सुनाई दे रहा है कि वह अपने शरीर पर खरोंच के निशान बनाए और अन्य लड़कियों से भी ऐसा ही करवाए, ताकि मेडिकल जांच में यौन उत्पीड़न के निशान दिखाए जा सकें.
ऑडियो में यह भी कहा जा रहा है कि मेडिकल-लीगल जांच के दौरान सभी को एक जैसा बयान देना है और यही कहना है कि “यहां हाथ मारा, वहां हाथ मारा.” बातचीत को सुनने पर ऐसा प्रतीत होता है कि कथित चाचा, झूठे निशान बनाकर यौन उत्पीड़न की कहानी गढ़ने की बात कर रहा है.
बातचीत का अंश
ऑडियो में FIR, मेडिकल रिपोर्ट, गाड़ी मंगाने और अस्पताल पहुंचने को लेकर भी चर्चा होती सुनाई देती है. बातचीत में एक सिरे से दूसरे सिरे तक घटनाओं को एक तय रणनीति के तहत आगे बढ़ाने का संकेत मिलता है, हालांकि इन दावों की पुष्टि किसी भी स्तर पर नहीं की गई है.
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा मामला साल 2017 के उन्नाव रेप केस से जुड़ा है, जिसमें बीजेपी के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को ट्रायल कोर्ट ने दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. सेंगर पिछले करीब साढ़े सात साल से जेल में बंद हैं.
कुलदीप सिंह सेंगर ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी थी. हाई कोर्ट ने 23 दिसंबर को उनकी दोषसिद्धि पर रोक लगाते हुए उन्हें जमानत दे दी थी. इसके बाद CBI ने हाई कोर्ट के इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी. सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के फैसले पर रोक लगाते हुए कुलदीप सिंह सेंगर को नोटिस जारी किया और मामले की अगली सुनवाई के लिए 20 जनवरी के बाद की तारीख तय की है.