KNEWS DESK- दिल्ली में एक बार फिर विचारों, शब्दों और कहानियों का महाकुंभ सजने जा रहा है। विश्व पुस्तक मेले का 53वां संस्करण 10 जनवरी 2026 से 18 जनवरी 2026 तक आयोजित होगा। इस प्रतिष्ठित आयोजन में देश-विदेश के नामचीन लेखक, प्रकाशक और लाखों पुस्तक प्रेमी हिस्सा लेंगे। अगर आप भी किताबों की दुनिया में खोना चाहते हैं, तो इस मेले में जरूर पहुंचें। खास बात यह है कि इस बार 35 से ज्यादा देशों के 1,000 से अधिक प्रकाशक मेले में भाग ले रहे हैं।
क्या है विश्व पुस्तक मेला 2026 की थीम?
इस बार विश्व पुस्तक मेले की थीम रखी गई है “Indian Military History: Valour and Wisdom @75” इस थीम का उद्देश्य आज़ादी के 75 वर्षों में भारतीय सेना के साहस, शौर्य और योगदान को सम्मान देना है। मेले के विभिन्न पवेलियन में सैन्य इतिहास, वीरता की गाथाओं और रणनीतिक ज्ञान से जुड़ी किताबें देखने और खरीदने को मिलेंगी।
कब और कहां लगेगा पुस्तक मेला?
- तारीख: 10 जनवरी से 18 जनवरी 2026
- समय: सुबह 11 बजे से रात 8 बजे तक
- स्थान: भारत मंडपम (प्रगति मैदान), नई दिल्ली
करीब 40,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैला यह मेला पहले से कहीं ज्यादा बड़ा और भव्य होने जा रहा है।
इस बार पहली बार फ्री एंट्री
पुस्तक प्रेमियों के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी यह है कि इस बार मेले में पूरी तरह फ्री एंट्री होगी। यानी किसी भी तरह का टिकट खरीदने की जरूरत नहीं है। आयोजकों का मकसद है कि हर उम्र और वर्ग के लोग बिना किसी बाधा के किताबों से जुड़ सकें।
विश्व पुस्तक मेले की प्रमुख खासियतें
- 3,000 से ज्यादा किताबों के स्टॉल।
- 35 से अधिक देशों की भागीदारी।
- बच्चों के लिए विशेष पवेलियन और गतिविधियां।
- कतर को गेस्ट ऑफ ऑनर का दर्जा।
- स्पेन को फोकस कंट्री के रूप में चुना गया।
- लेखकों से संवाद और पुस्तक विमोचन कार्यक्रम।
डिजिटल दौर में किताबों का नया अनुभव
डिजिटल पाठकों को ध्यान में रखते हुए इस बार मेले में राष्ट्रीय ई-पुस्तकालय कार्यक्रम भी चलाया जाएगा। इसके तहत:
- 6,000 से अधिक मुफ्त ई-बुक्स पढ़ने का मौका।
- एआई और गेमिंग के जरिए कहानियों से जुड़ने का अनुभव।
- युवाओं और बच्चों के लिए इंटरैक्टिव सेशन।
किताबों से प्यार है, तो यह मौका न छोड़ें
दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2026 न सिर्फ किताबें खरीदने का मौका है, बल्कि ज्ञान, संस्कृति और विचारों से जुड़ने का एक अनूठा अनुभव भी है। अगर आप पढ़ने के शौकीन हैं या नई दुनिया को शब्दों के जरिए जानना चाहते हैं, तो 10 से 18 जनवरी के बीच भारत मंडपम जरूर जाएं।