KNEWS DESK – केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सेंट्रल पावर रिसर्च इंस्टीट्यूट (CPRI) के जॉइंट डायरेक्टर को 9.5 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. इस कार्रवाई के बाद सरकारी महकमे में हड़कंप मच गया है. CBI ने आरोपी अधिकारी के आवास पर छापेमारी कर करोड़ों रुपये की नकदी भी बरामद की है.
CBI के अनुसार, गिरफ्तार जॉइंट डायरेक्टर का नाम राजाराम मोहनराव चेन्नू है. उन पर आरोप है कि वे एक निजी कंपनी के विद्युत उपकरणों के पक्ष में अनुकूल टेस्ट रिपोर्ट जारी कराने के बदले रिश्वत मांग रहे थे. इस मामले में CBI ने निजी कंपनी M/s Sudhir Group of Companies के डायरेक्टर अतुल खन्ना को भी गिरफ्तार किया है. दोनों आरोपियों से फिलहाल गहन पूछताछ की जा रही है.
9.5 लाख की रिश्वत लेते पकड़े गए
CBI ने 8 जनवरी 2026 को इस मामले में FIR दर्ज की थी. शिकायत की पुष्टि के बाद एजेंसी ने जाल बिछाया और 9 जनवरी को बेंगलुरु में कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को 9.5 लाख रुपये की रिश्वत का लेन-देन करते हुए गिरफ्तार कर लिया.
घर से करोड़ों की नकदी और विदेशी मुद्रा बरामद
गिरफ्तारी के बाद CBI ने जॉइंट डायरेक्टर के आवास पर छापेमारी की. तलाशी के दौरान घर से करीब 3.59 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए. इसके अलावा बड़ी मात्रा में विदेशी करेंसी भी मिली है, जिसमें अमेरिकी डॉलर, हांगकांग डॉलर, सिंगापुर डॉलर, इंडोनेशियाई रुपिया, मलेशियाई रिंगिट, यूरो, चीनी युआन, स्वीडिश क्रोना और यूएई दिरहम शामिल हैं. इन विदेशी मुद्राओं की अनुमानित कीमत करीब 4.05 लाख रुपये बताई जा रही है.
CBI के मुताबिक, अब तक इस मामले में नकद और विदेशी मुद्रा मिलाकर कुल 3.76 करोड़ रुपये की बरामदगी हो चुकी है.
आभूषण और अहम दस्तावेज भी जब्त
CBI ने छापेमारी के दौरान आभूषण और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जब्त किए हैं. एजेंसी का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं. संभावना जताई जा रही है कि इस भ्रष्टाचार नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी गिरफ्तारी हो सकती है.