KNEWS DESK- मध्य दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में हुई हिंसा के पीछे व्हाट्सएप पर प्रसारित भ्रामक ऑडियो संदेशों की अहम भूमिका सामने आई है। दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को बताया कि फैज-ए-इलाही मस्जिद को तोड़े जाने की अफवाह फैलाकर लोगों को उकसाया गया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। हालांकि पुलिस का कहना है कि गलत सूचनाओं को रोकने के लिए समय रहते कई कदम उठाए गए, जिससे भीड़ के आकार को सीमित रखने में आंशिक सफलता मिली।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, चार से पांच व्हाट्सएप ग्रुप्स को कड़ी निगरानी में रखा गया है, जिनके जरिए अफवाहें फैलाई गईं। फिलहाल इस बात की जांच की जा रही है कि ये भ्रामक संदेश पूर्व नियोजित साजिश का हिस्सा थे या अचानक फैलाए गए। पुलिस ने स्पष्ट किया कि घटना से ठीक पहले किसी नए व्हाट्सएप ग्रुप के बनाए जाने के संकेत नहीं मिले हैं।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि जैसे ही मस्जिद तोड़े जाने की झूठी सूचना सामने आई, एसीपी और एसएचओ ने तुरंत अमन समिति के सदस्यों, स्थानीय समुदाय के वरिष्ठों और धार्मिक नेताओं से संपर्क किया। उन्हें भरोसा दिलाया गया कि मस्जिद को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा। वरिष्ठ अधिकारियों ने खुद धर्मगुरुओं से बातचीत कर स्थिति को शांत करने की कोशिश की।
पुलिस के मुताबिक, मध्य जिले के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त निधिन वल्सन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से कुछ दिन पहले 120 से अधिक मौलवियों के साथ बैठक की थी। इस बैठक में साफ किया गया था कि केवल अवैध अतिक्रमण हटाए जाएंगे और मस्जिद इस कार्रवाई के दायरे में नहीं है। धार्मिक नेताओं को यह भी बताया गया था कि यदि वे अदालत के आदेश से असहमत हैं तो उनके पास कानूनी विकल्प मौजूद हैं।
दरगाह फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अवैध अतिक्रमण हटाने के दौरान हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने छह और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अब तक कुल 11 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि 50 से अधिक उपद्रवियों की पहचान की जा चुकी है। गिरफ्तार आरोपियों में अफान, आदिल, शाहनवाज, हमजा, अतहर और उबैद शामिल हैं। एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है।
वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) द्वारा चिन्हित कई आरोपी फरार हैं और उनके घरों पर ताले लटके हुए मिले हैं। उनकी तलाश के लिए छापेमारी जारी है।
कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच गुरुवार को दूसरे दिन भी फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी रही। मंगलवार और बुधवार की दरम्यानी रात मस्जिद से सटे कुछ अवैध निर्माण को पूरी तरह नहीं हटाया जा सका था। गुरुवार को बुलडोजर और क्रेन की मदद से उस निर्माण को भी ध्वस्त कर दिया गया। मौके से मलबा हटाने का काम लगातार चल रहा है।
दिल्ली पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी भ्रामक सूचना की पुष्टि आधिकारिक स्रोतों से ही करें। पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।