शिव शंकर सविता- इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में हुए गंभीर जल प्रदूषण मामले को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने गुरुवार को स्पष्ट कहा कि इस मामले में दोषियों की जवाबदेही तय की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए पार्टी हर स्तर पर आवाज उठाएगी। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में खेड़ा ने कहा कि कांग्रेस की राज्य इकाई लगातार सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रही है और यह मुद्दा केवल स्थानीय नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य से जुड़ा राष्ट्रीय सवाल बन चुका है। पवन खेड़ा ने कहा कि भागीरथपुरा की घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है, जिसमें कई लोगों की जान चली गई और अनेक परिवार प्रभावित हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की लापरवाही और निगरानी तंत्र की विफलता के कारण यह हादसा हुआ। खेड़ा ने दो टूक कहा कि कांग्रेस इस मामले को ठंडे बस्ते में नहीं जाने देगी और हर स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी।
मुआवजा पीड़ित परिवारों के दर्द की भरपाई नहीं कर सकता- पवन खेड़ा
इस बीच मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घटना के बाद मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने और सभी प्रभावितों का मुफ्त इलाज कराने की घोषणा की है। हालांकि, कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मुआवजा पीड़ित परिवारों के दर्द की भरपाई नहीं कर सकता और असली जरूरत दोषियों पर सख्त कार्रवाई की है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रशासन सिर्फ 17 मौतों की बात कर रहा है, जबकि वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है। उन्होंने कहा कि इंदौर, जो देश और दुनिया में स्वच्छता के लिए पहचाना जाता था, आज ज़हरीले पानी की वजह से चर्चा में है। पटवारी ने आरोप लगाया कि महापौर परिषद, मुख्यमंत्री मोहन यादव की सरकार और संबंधित मंत्री इस घटना के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं।
भागीरथपुरा जैसी स्थिति अन्य इलाकों में भी पैदा हो सकती है- कांग्रेसी नेता उमंग सिंघार
कांग्रेस नेता उमंग सिंघार ने भी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिस तरह से सरकार ने इस पूरे मामले में असंवेदनशील रवैया अपनाया है, वह इंदौर शहर के लिए एक कलंक है। सिंघार ने चेतावनी देते हुए कहा कि भागीरथपुरा जैसी स्थिति अन्य इलाकों में भी पैदा हो सकती है, क्योंकि वहां भी पाइपलाइन के जरिए पानी की आपूर्ति होती है। उन्होंने लोगों से सतर्क रहने की अपील की। उमंग सिंघार ने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस आगामी विधानसभा सत्र में इस मुद्दे को पूरी मजबूती से उठाएगी। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि प्रशासनिक लापरवाही की सजा आम जनता क्यों भुगते। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जल आपूर्ति व्यवस्था की व्यापक जांच होनी चाहिए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस नीति बनाई जानी चाहिए।