डिजिटल डेस्क- उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले से एक दिल छू लेने वाली और हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। एशिया के सबसे बड़े और व्यस्त रेलवे जंक्शनों में शुमार पंडित दीनदयाल उपाध्याय (डीडीयू) जंक्शन के प्लेटफॉर्म पर एक महिला यात्री ने बच्चे को जन्म दिया। यह प्रसव किसी अस्पताल में नहीं, बल्कि रेलवे प्लेटफॉर्म पर हुआ, जहां आरपीएफ की ‘मेरी सहेली’ टीम ने सूझबूझ, साहस और मानवीय संवेदना का परिचय देते हुए सुरक्षित डिलीवरी कराई। फिलहाल मां और नवजात दोनों पूरी तरह सुरक्षित हैं। घटना बुधवार देर रात की है। बिहार राज्य के रहने वाले दंपती वाराणसी से ट्रेन पकड़कर राजगीर जा रहे थे। महिला गर्भवती थी, लेकिन यात्रा के दौरान कोई परेशानी नहीं हुई थी। जैसे ही ट्रेन डीडीयू जंक्शन पर पहुंची, तभी अचानक महिला को तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। प्लेटफॉर्म पर हालत बिगड़ती देख महिला के पति घबरा गए और तुरंत आरपीएफ से मदद की गुहार लगाई।
सूचना मिलते ही तुरंत एक्टिव हुई टीम, मेरी सहेली टीम ने लिया त्वरित फैसला
सूचना मिलते ही आरपीएफ की टीम तुरंत हरकत में आ गई। आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार रावत के निर्देश पर ‘मेरी सहेली’ टीम मौके पर पहुंची और महिला को अटेंड करना शुरू किया। महिला को व्हीलचेयर पर बैठाकर अस्पताल ले जाने की तैयारी की जा रही थी, लेकिन तभी स्थिति और गंभीर हो गई। प्रसव पीड़ा इस कदर बढ़ चुकी थी कि महिला को प्लेटफॉर्म से हटाना भी जोखिम भरा हो गया। हालात की गंभीरता को समझते हुए ‘मेरी सहेली’ टीम ने तुरंत फैसला लिया कि महिला का प्रसव यहीं प्लेटफॉर्म पर कराना होगा। उप निरीक्षक सरिता गुर्जर ने आरक्षी संगीता देवी की मदद से पूरी सूझबूझ और साहस के साथ महिला का सुरक्षित प्रसव कराया। कुछ ही देर में महिला ने स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। यह दृश्य वहां मौजूद यात्रियों के लिए भी भावुक कर देने वाला था।
प्रसव के बाद जच्चा और बच्चा को कराया गया अस्पताल में भर्ती, दोनों स्वस्थ
प्रसव के तुरंत बाद आरपीएफ टीम ने एंबुलेंस की मदद से महिला और नवजात को राजकीय महिला अस्पताल, मुगलसराय पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि जच्चा और बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं। समय पर मिली मदद और सही निर्णय के कारण किसी भी तरह की अनहोनी टल गई। इस संबंध में आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार रावत ने बताया कि 30 वर्षीय महिला बबिता अपने पति के साथ यात्रा कर रही थी। महिला गर्भवती थी, लेकिन अचानक डीडीयू स्टेशन पर प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। उन्होंने बताया कि अस्पताल ले जाने का समय नहीं था, इसलिए प्लेटफॉर्म पर ही सुरक्षित प्रसव कराया गया। आरपीएफ की ‘मेरी सहेली’ टीम ने जिस तरह से स्थिति को संभाला, वह सराहनीय है।