KNEWS DESK- लद्दाख के प्रसिद्ध क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की हिरासत को लेकर दायर जमानत याचिका पर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। यह याचिका उनकी पत्नी गीतांजलि जे अंगमो द्वारा दाखिल की गई है, जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी और हिरासत को चुनौती दी गई है।
याचिका में कहा गया है कि सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है। याचिकाकर्ता का तर्क है कि जलवायु संरक्षण और लद्दाख के पर्यावरण से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए किए गए उनके प्रयासों को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताकर एनएसए के तहत हिरासत में लेना अनुचित और असंवैधानिक है।
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पहले सुनवाई करते हुए याचिका पर अंतिम फैसला सुरक्षित न रखते हुए सुनवाई को 8 जनवरी तक के लिए स्थगित कर दिया था। अब गुरुवार को इस याचिका पर विस्तार से बहस होने की संभावना है, जिसमें अदालत यह तय करेगी कि सोनम वांगचुक की एनएसए के तहत हिरासत वैध है या नहीं।
गौरतलब है कि सोनम वांगचुक लद्दाख में पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन और स्थानीय लोगों के अधिकारों को लेकर लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी के बाद देशभर में कई सामाजिक कार्यकर्ताओं और संगठनों ने उनकी रिहाई की मांग की है और इसे शांतिपूर्ण आंदोलन को दबाने की कार्रवाई बताया है। सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर अब सभी की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि इसका असर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और नागरिक अधिकारों से जुड़े मामलों पर पड़ सकता है।