डिजिटल डेस्क- यूपी के कन्नौज में जिला जेल अनौगी से रविवार रात जो हुआ, उसने पूरे प्रशासन के होश उड़ा दिए। सुरक्षा के तमाम दावों को धता बताते हुए दो कैदी कंबलों को रस्सी बनाकर 22 फीट ऊंची दीवार फांदते हुए जेल से फरार हो गए। यह किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था अंधेरी रात, ऊंची दीवार और मौका मिलते ही आज़ादी की छलांग। घटना का खुलासा सोमवार सुबह उस वक्त हुआ, जब जेल में कैदियों की गिनती की गई। दो कैदी कम पाए गए और इसके बाद जेल प्रशासन में अफरा-तफरी मच गई। जांच में सामने आया कि फरार होने वाले कैदियों में पॉक्सो एक्ट का आरोपी ठठिया थाना क्षेत्र के मलगंवा गांव का डिंपी उर्फ शिवा और हथियार कानून में बंद हजरापुर गांव का अंकित शामिल है। दोनों एक ही बैरक में बंद थे।
जांच के दौरान दीवार से बंधी मिली रस्सी
जांच के दौरान महिला बैरक के पीछे जेल की दीवार पर कंबलों से बनी रस्सी मिली। यहीं से साफ हो गया कि ठंड से बचने के लिए मिले कंबलों को काटकर पहले रस्सी बनाई गई और फिर उसी के सहारे दीवार पार की गई। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और चर्चाओं में दावा किया जा रहा है कि रात में जेल के भीतर न्यू ईयर पार्टी चल रही थी और उसी दौरान दोनों कैदियों ने मौका पाकर फरारी की। हालांकि प्रशासन ने इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। खबर मिलते ही पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार और जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री समाधान दिवस कार्यक्रम छोड़कर सीधे जिला जेल पहुंचे और जांच शुरू कर दी। डीएम ने प्रथम दृष्टया इसे जेल प्रशासन की गंभीर लापरवाही बताया। कार्रवाई करते हुए जेलर विनय प्रताप सिंह, डिप्टी जेलर बद्री प्रसाद समेत पांच कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। फरार कैदियों की तलाश में कई टीमें गठित कर दबिश दी जा रही है। पुलिस का दावा है कि दोनों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
खबर–2: हाई सिक्योरिटी जेल में ‘ग्रेट एस्केप’—कैदियों की चालाकी या सिस्टम की चूक?
कन्नौज की जिला जेल अनौगी में हुई कैदियों की फरारी ने सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। 22 फीट ऊंची दीवार, पहरा और नियम सब कुछ होते हुए भी दो कैदी रातों-रात हवा हो गए। यह सिर्फ एक जेल ब्रेक नहीं, बल्कि सिस्टम की नींद पर करारा तमाचा माना जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, फरार कैदी अंकित को जून माह में तालग्राम थाना क्षेत्र से चोरी के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था, जबकि डिंपी उर्फ शिवा पॉक्सो एक्ट के तहत बंद था। दोनों को एक ही बैरक में रखा गया था। माना जा रहा है कि कई दिनों की प्लानिंग के बाद दोनों ने ठंड में मिले कंबलों को काटकर मजबूत रस्सी तैयार की और रविवार रात इसे अंजाम दिया।
सुबह नियमित गिनती की समय खुली पोल
फिल्मी ट्विस्ट तब सामने आया, जब चर्चा उड़ी कि रात में जेल के अंदर न्यू ईयर सेलिब्रेशन जैसा माहौल था। शोर-शराबे और ढील के बीच दोनों कैदी चुपचाप दीवार की ओर बढ़े और देखते ही देखते जेल की ऊंची दीवार पार कर ली। सुबह 10 बजे गिनती हुई तो पूरा खेल सामने आया। जेल अधीक्षक भीमसेन मुकुंद को सिपाहियों ने फरारी की सूचना दी। इसके बाद जिले के डीएम और एसपी मौके पर पहुंचे। डीएम ने साफ कहा कि यह बंदी रक्षकों की बड़ी चूक है और जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।