मादुरो को बचाने में क्यूबा के 32 सैनिक शहीद, अमेरिकी ऑपरेशन से वेनेजुएला में हड़कंप

KNEWS DESK- अमेरिका द्वारा शनिवार को वेनेजुएला में किए गए सैन्य ऑपरेशन के बाद लैटिन अमेरिका में हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं। इस कार्रवाई के दौरान अपदस्थ वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लिया गया, जिसके बाद अब क्यूबा ने बड़ा दावा किया है। क्यूबा सरकार के अनुसार, अमेरिकी ऑपरेशन के दौरान मादुरो को बचाने की कोशिश में उसके 32 सैनिक मारे गए।

क्यूबा सरकार ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि 3 जनवरी 2026 को अमेरिका ने दोस्त देश वेनेजुएला के खिलाफ एक “आपराधिक हमला” किया, जिसमें काराकास में तैनात 32 क्यूबाई सैनिकों की जान चली गई। इस घटना के बाद देश में गहरा शोक व्यक्त किया जा रहा है।

क्यूबा ने मृत सैनिकों की याद में 5 जनवरी की सुबह 6 बजे से 6 जनवरी 2026 की रात 12 बजे तक दो दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। इस अवधि में सभी सरकारी और सैन्य भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा। साथ ही, सभी सार्वजनिक कार्यक्रमों और उत्सवों को स्थगित कर दिया गया है।

राज्य संचालित समाचार एजेंसी प्रेंसा लातिना के मुताबिक, ये क्यूबाई सैनिक वेनेजुएला सरकार के अनुरोध पर वहां तैनात थे। अमेरिकी कार्रवाई के दौरान उन्होंने वेनेजुएला की सेना के साथ मिलकर ऑपरेशन को रोकने की कोशिश की, इसी दौरान उनकी मौत हुई।

गौरतलब है कि क्यूबा और वेनेजुएला के बीच लंबे समय से करीबी सहयोग रहा है। क्यूबा बीते कई वर्षों से वेनेजुएला को सैन्य और पुलिस सहायता प्रदान करता रहा है। शनिवार को हुए अमेरिकी ऑपरेशन के बाद निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को ड्रग्स से जुड़े मामलों में मुकदमे का सामना करने के लिए न्यूयॉर्क ले जाया गया है। मादुरो को सोमवार को अमेरिकी अदालत में पेश किए जाने की संभावना है।

हालांकि, मादुरो ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। वेनेजुएला के रक्षा मंत्री जनरल व्लादिमिर पाद्रीनो ने सरकारी टीवी चैनल पर कहा कि अमेरिकी हमले में सैनिकों के साथ-साथ आम नागरिकों और मादुरो की सुरक्षा टीम के कई सदस्य भी मारे गए हैं।

इस पूरे घटनाक्रम पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी प्रतिक्रिया दी है। रविवार को एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि ऑपरेशन के दौरान “दूसरी तरफ भारी नुकसान” हुआ है। उन्होंने दावा किया कि कई क्यूबाई सैनिक मारे गए, जबकि अमेरिकी पक्ष को कोई नुकसान नहीं हुआ।

हालांकि, ट्रंप ने यह संकेत भी दिया कि क्यूबा में सीधे अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप की संभावना कम है। उन्होंने कहा कि क्यूबा पहले से ही गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है और “खुद ही ढहने की कगार पर” है। ट्रंप के मुताबिक, क्यूबा की अर्थव्यवस्था काफी हद तक वेनेजुएला से मिलने वाले तेल पर निर्भर थी, जो अब लगभग बंद हो चुका है।

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