डिजिटल डेस्क- उत्तर प्रदेश सीमा पर स्थित वीर कुंवर सिंह गंगा सेतु पर बक्सर पुलिस से बदसलूकी और धमकी देने वाले ट्रक ड्राइवर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ड्राइवर ने न सिर्फ ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों से अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया, बल्कि जाम हटाने के दौरान पुलिस अधिकारी पर ट्रक चढ़ाने की धमकी तक दे डाली। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाकर उसने सोशल मीडिया पर वायरल भी कर दिया था। अब यही वीडियो उसकी गिरफ्तारी की वजह बन गया। यह घटना उस समय हुई, जब गंगा ब्रिज थाना प्रभारी रोहित कुमार अपनी टीम के साथ वीर कुंवर सिंह गंगा सेतु पर लगे भारी जाम को हटाने और यातायात व्यवस्था सुचारु करने में जुटे थे। इसी दौरान एक ट्रक चालक से पुलिस ने ट्रक को सही लेन में लगाने को कहा। आरोप है कि इस पर ट्रक चालक बुरी तरह भड़क गया और पुलिसकर्मियों से गाली-गलौज करने लगा।
अकेले मिलोगे तो ट्रक चढ़ा देंगे- आरोपी चालक
वीडियो में आरोपी ट्रक चालक पुलिस अधिकारी को खुलेआम धमकी देते हुए नजर आ रहा है। वह कहता सुनाई देता है, “अकेले में मिलोगे न तो ट्रक चढ़ा देंगे, तीन महीने में बेल हो जाता है।” इस दौरान उसने पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी रिकॉर्ड किया, जिसे बाद में एडिट कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। वीडियो के अंत में आरोपी कंधे पर लोहे की रॉड रखकर खुद को दबंग दिखाने की कोशिश करता नजर आया। साथ ही, वीडियो के जरिए उसने पुलिस पर इशारों में घूसखोरी के आरोप लगाने का भी प्रयास किया। हालांकि, पुलिस का कहना है कि मामला पूरी तरह से जाम हटाने और ट्रैफिक नियंत्रण से जुड़ा था। आरोपी द्वारा लगाए गए आरोप निराधार हैं। वीडियो वायरल होने के बाद बक्सर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल जांच शुरू की। जांच के दौरान आरोपी की पहचान उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के निवासी गोविंद यादव के रूप में हुई।
पहले भी कर चुका है दुर्व्यवहार
पुलिस के अनुसार, गोविंद यादव किसी अन्य व्यक्ति के ट्रक को चलाता है और अक्सर बक्सर क्षेत्र से होकर गुजरता है। रिकॉर्ड खंगालने पर यह भी सामने आया कि वह पहले भी कई बार पुलिसकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार कर चुका है। इसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की और कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। साथ ही, घटना में इस्तेमाल ट्रक को भी जब्त कर लिया गया है। बक्सर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सरकारी काम में बाधा डालना, पुलिसकर्मियों को धमकाना और सोशल मीडिया के जरिए पुलिस की छवि खराब करने की कोशिश गंभीर अपराध हैं। ऐसे मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।