शिव शंकर सविता- कानपुर में भारतीय जनता पार्टी की अंदरूनी कलह एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। पार्षदों और महापौर के बीच चल रहा विवाद अब सड़कों पर उतर आया है। संतलाल हाता के सैकड़ों लोग प्रभारी मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय और विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना से मिलने के लिए मोतीझील पहुंचे, जहां प्रभारी मंत्री एक सरकारी कार्यक्रम में शिरकत करने आए थे। संतलाल हाता के लोगों के पहुंचते ही मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने भीड़ को आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद वहां जमकर नारेबाजी शुरू हो गई। लोग अपने हाथों में पोस्टर लेकर महापौर और उनके बेटे के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि कानपुर की महापौर के बेटे बंटी पांडे संतलाल हाता की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं।
पार्षद का आरोप- मेयर का पुत्र बंटी पांडे कर रहा है बेशकीमती जमीन पर कब्जा
दरअसल, पूरे विवाद की शुरुआत नगर निगम सदन से हुई थी। बीजेपी पार्षद पवन गुप्ता ने संतलाल हाता इलाके में सीवर लाइन डाले जाने का मुद्दा सदन में उठाया था। पार्षद का आरोप था कि जानबूझकर क्षेत्र में विकास कार्य रोके जा रहे हैं। इस मुद्दे के उठते ही पार्षद और महापौर के बीच तनातनी बढ़ गई, जो धीरे-धीरे बड़े राजनीतिक विवाद का रूप लेती चली गई। पार्षद पवन गुप्ता का कहना है कि संतलाल हाता में सीवर लाइन न डलने के पीछे जमीन से जुड़ा खेल है। उन्होंने आरोप लगाया कि महापौर के बेटे बंटी पांडे इलाके की कीमती जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं और इसी वजह से वहां विकास कार्य बाधित किए जा रहे हैं। पार्षद के इन आरोपों के बाद कानपुर की राजनीति में हलचल मच गई।
मोतीझील पहुंचे लोगों ने विस अध्यक्ष और प्रभारी मंत्री से की मिलने की मांग
इसी मामले को लेकर संतलाल हाता के लोग अब सीधे सरकार के शीर्ष नेताओं तक अपनी बात पहुंचाना चाहते हैं। मोतीझील पहुंचे लोगों ने प्रभारी मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय और विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना से मिलने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यदि उनकी शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने हालात को संभालते हुए भीड़ को समझाने की कोशिश की। हालांकि, कुछ देर तक माहौल तनावपूर्ण बना रहा। प्रदर्शन के चलते कार्यक्रम स्थल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई।