डिजिटल डेस्क- मोदीनगर के निवाड़ी रोड पर बिजलीघर के पास एक युवक को अपने ही घर के सामने खड़ी गाड़ियां हटाने के लिए कहना भारी पड़ गया। इस मामूली बात ने देखते ही देखते बड़ा विवाद खड़ा कर दिया। आरोप है कि गाड़ी हटाने को कहने से नाराज एक महिला और निवाड़ी थाने में तैनात दो दरोगाओं ने युवक और उसके साथी के साथ न केवल अभद्रता की, बल्कि जातिसूचक शब्दों का भी इस्तेमाल किया। इस पूरी घटना के दो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके हैं, जिसके बाद मामला पुलिस के उच्चाधिकारियों तक पहुंच गया है। यह घटना 21 दिसंबर की रात की बताई जा रही है। मोदीनगर थाना क्षेत्र के गांव बुदाना निवासी अभिषेक नेहरा के अनुसार, उनका मकान निवाड़ी रोड पर बिजलीघर के समीप स्थित है। उस रात वह अपने घर के सामने गाड़ी खड़ी करने पहुंचे थे। आरोप है कि घर के बाहर पहले से दो गाड़ियां खड़ी थीं, जिनमें एक महिला और दो दरोगा शराब पी रहे थे। जब अभिषेक ने अपनी गाड़ी खड़ी करने के लिए उनसे वाहन हटाने को कहा, तो महिला और दोनों दरोगा आगबबूला हो गए।
दोनों दरोगाओं ने भी दिखाया वर्दी का रौब
अभिषेक का आरोप है कि महिला ने खुद को जाट बताते हुए जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया और कहा कि वह भट्ठा मालकिन है और खड़े-खड़े 50 थार खरीद सकती है। वहीं, दोनों दरोगाओं ने भी वर्दी का रौब दिखाते हुए अभिषेक और उसके साथी शुभम को जमकर हड़काया और गाली-गलौज की। काफी देर तक मौके पर हंगामा चलता रहा, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अभिषेक ने बताया कि जब उसने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाना शुरू किया, तो दरोगाओं के तेवर कुछ नरम पड़े, लेकिन महिला लगातार अभद्र भाषा का प्रयोग करती रही। मामला बढ़ता देख अंत में सभी आरोपी अपनी-अपनी गाड़ियों से मौके से चले गए।
महिला ने लगाया गाड़ी पीछा करने और गाड़ी से खींचने का आरोप
घटना के बाद विवाद ने नया मोड़ तब ले लिया, जब आरोपी महिला ने अभिषेक नेहरा और उसके साथी शुभम के खिलाफ निवाड़ी थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी। महिला ने आरोप लगाया कि दोनों ने उसका पीछा किया और गाड़ी से खींचने की कोशिश की। हैरानी की बात यह है कि पूरा घटनाक्रम मोदीनगर थाना क्षेत्र का होने के बावजूद एफआईआर निवाड़ी थाने में दर्ज की गई। अभिषेक का आरोप है कि महिला के साथ मौजूद दोनों दरोगा निवाड़ी थाने में तैनात हैं और उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग कर झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई। अभिषेक ने यह भी आरोप लगाया कि वीडियो बनने के बाद दरोगाओं ने उस पर दबाव बनाया कि वह वीडियो डिलीट कर दे। वीडियो वायरल करने पर जेल भेजने की धमकी भी दी गई। इसके बाद अभिषेक ने पूरे मामले की शिकायत पुलिस कमिश्नर से की।
उक्त महिला और पति के खिलाफ पहले से ही दर्ज है धोखाधड़ी का मुकदमा
इस बीच यह भी सामने आया है कि उक्त महिला और उसके पति के खिलाफ निवाड़ी थाने में 10 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला पहले से दर्ज है। आरोप है कि दोनों ने भट्ठे में मुनाफे का लालच देकर एक व्यक्ति से 10 लाख रुपये ठगे थे। मामला संज्ञान में आने के बाद पुलिस विभाग में हलचल मच गई है। एसीपी मोदीनगर अमित सक्सेना ने बताया कि वायरल वीडियो के आधार पर जांच की जा रही है और प्रकरण से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। महिला की ओर से अभिषेक और शुभम के खिलाफ दर्ज मुकदमे की विवेचना निवाड़ी पुलिस से हटाकर मोदीनगर थाने को सौंप दी गई है। जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई की बात कही जा रही है।