पौष पूर्णिमा 2026: पौष पूर्णिमा के दिन इन शुभ स्थानों पर दीपक जरूर जलाएं, घर में सदा बनी रहेगी मां लक्ष्मी की कृपा

KNEWS DESK- आज पौष माह की पूर्णिमा है, जिसे हिंदू धर्म में अत्यंत शुभ और पुण्यदायी माना गया है। इस दिन गंगा सहित अन्य पवित्र नदियों में स्नान और फिर दान करने की परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पौष पूर्णिमा पर किया गया स्नान-दान अक्षय पुण्य प्रदान करता है, जो कभी समाप्त नहीं होता।

पौष पूर्णिमा पर विष्णु-लक्ष्मी पूजन का महत्व

शास्त्रों के अनुसार, पौष पूर्णिमा के दिन जगत के पालनहार भगवान श्रीहरि विष्णु और माता लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करने से घर की आर्थिक तंगी दूर होती है। साथ ही जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है। इस दिन दीपक जलाने से विशेष फल की प्राप्ति होती है और माता लक्ष्मी का आशीर्वाद बना रहता है।

पौष पूर्णिमा के दिन कहां-कहां जलाएं दीपक

मंदिर में दीपक जलाना

पौष पूर्णिमा के दिन पूजा के समय मंदिर में देसी घी का दीपक जलाएं। इसके साथ परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना करें। मान्यता है कि इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और लक्ष्मी जी की कृपा परिवार पर बनी रहती है।

तुलसी के पौधे के पास

इस दिन तुलसी माता के पास घी का दीपक जलाएं और उन्हें फल व मिठाई का भोग लगाएं। धार्मिक विश्वास है कि ऐसा करने से घर में कभी आर्थिक संकट नहीं आता और रुके हुए कार्य शीघ्र पूरे होते हैं।

पीपल के पेड़ के नीचे

हिंदू मान्यताओं के अनुसार, पीपल के वृक्ष में ब्रह्मा, विष्णु और महेश—तीनों देवों का वास होता है। पौष पूर्णिमा के दिन पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाने से त्रिदेवों की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

घर के मुख्य द्वार पर

पौष पूर्णिमा के दिन घर के मुख्य द्वार पर देसी घी का दीपक जलाना अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इसी द्वार से माता लक्ष्मी घर में प्रवेश करती हैं। इस उपाय से घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सुख-समृद्धि बढ़ती है।

नदी में दीपदान

पौष पूर्णिमा के दिन गंगा या किसी भी पवित्र नदी में दीपदान करने का विशेष महत्व है। माना जाता है कि दीपदान से व्यक्ति के जाने-अनजाने में किए गए पाप नष्ट हो जाते हैं और उसकी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

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