डिजिटल डेस्क- उत्तराखंड के ज्योतिर्मठ में शुक्रवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब सेना के एक कैंप के पास कूड़े के ढेर में अचानक आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में उसने विकराल रूप धारण कर लिया। आग की लपटें और घना धुआं दूर-दूर तक दिखाई देने लगा, जिससे आसपास के इलाके में दहशत फैल गई। घटना के वक्त कैंप के भीतर करीब 100 जवान मौजूद थे, जिस कारण सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत सतर्कता बढ़ा दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोपहर के समय कूड़े के ढेर से अचानक धुआं उठता दिखाई दिया। शुरू में लोगों को लगा कि यह मामूली आग होगी, लेकिन तेज हवाओं के चलते आग ने तेजी से फैलना शुरू कर दिया। कुछ ही मिनटों में आग की लपटें ऊंची उठने लगीं, जिससे सेना कैंप के नजदीक खतरे की स्थिति बन गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी गई।
तेज हवाओं के चलते आग बुझाने में करना पड़ा कठिनाइयों का सामना
सूचना मिलते ही सेना और आईटीबीपी की फायर सर्विस टीमें मौके पर पहुंच गईं। दमकलकर्मियों ने आग पर काबू पाने के लिए पानी और अन्य अग्निशमन उपकरणों का इस्तेमाल शुरू किया। हालांकि, क्षेत्र में चल रही तेज हवाओं के कारण आग बुझाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आग बार-बार भड़क उठ रही है, जिससे अभियान लंबा खिंचता जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि कूड़े के ढेर में मौजूद ज्वलनशील पदार्थों के कारण आग तेजी से फैली। हालांकि, किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले विस्तृत जांच की जाएगी।
किसी प्रकार की कोई जानहानि की खबर नहीं
सुरक्षा की दृष्टि से कैंप के आसपास के क्षेत्र को घेर लिया गया है और अनावश्यक आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।राहत की बात यह है कि अब तक किसी भी प्रकार की जनहानि या सैनिकों के घायल होने की सूचना नहीं है। सेना प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभी जवान सुरक्षित हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाने के लिए अतिरिक्त संसाधन भी मौके पर भेजे गए हैं।