KNEWS DESK- उत्तर प्रदेश में शीतलहर के बीच माध्यमिक विद्यालयों को लेकर अहम फैसला लिया गया है। प्रदेश के सभी माध्यमिक स्कूल 2 जनवरी (शुक्रवार) से दोबारा खुल जाएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 29 दिसंबर से 1 जनवरी तक शीतकालीन अवकाश घोषित किया गया था, जो अब समाप्त हो रहा है।
ठंड को देखते हुए शासन ने स्कूलों के समय में बदलाव किया है। अब माध्यमिक विद्यालय सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक संचालित होंगे। पहले स्कूलों का समय सुबह 9:30 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक था। सर्दी के कारण स्कूलों के समय में एक घंटे की कटौती की गई है, जिसका पालन प्रदेश के सभी माध्यमिक विद्यालयों के लिए अनिवार्य होगा।
माध्यमिक विद्यालयों के विपरीत, प्रदेश के प्राथमिक स्कूलों में 14 जनवरी तक शीतकालीन अवकाश रहेगा। यह अवकाश 31 दिसंबर से 14 जनवरी तक घोषित किया गया है। 15 दिनों का यह अवकाश बेसिक शिक्षा विभाग के वार्षिक अवकाश कैलेंडर में पहले से शामिल है।
वहीं, निजी स्कूलों में शीतकालीन अवकाश की तिथियां अलग-अलग हो सकती हैं। प्रत्येक निजी विद्यालय अपने शैक्षिक कैलेंडर के अनुसार छुट्टियां तय करता है। हालांकि, अधिक सर्दी पड़ने की स्थिति में जिलाधिकारी द्वारा घोषित अवकाश को निजी स्कूलों को भी अनिवार्य रूप से मानना होगा।
माध्यमिक शिक्षा विभाग ने वर्ष 2026 के लिए छुट्टियों का नया कैलेंडर जारी कर दिया है। इसके अनुसार, साल का पहला अवकाश 3 जनवरी को रहेगा, जो हजरत अली के जन्मदिन के अवसर पर घोषित किया गया है।
कैलेंडर के मुताबिक, रविवार और ग्रीष्मकालीन अवकाश सहित कुल 112 दिन विद्यालय बंद रहेंगे। बोर्ड परीक्षाओं के लिए 15 दिन निर्धारित किए गए हैं, जबकि पूरे वर्ष में 238 दिन विद्यालयों में पठन-पाठन और अन्य शैक्षिक कार्य होंगे।
माध्यमिक शिक्षा विभाग के अनुसार, 21 मई से 30 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश रहेगा। इसके अलावा, विशेष परिस्थितियों में प्रधानाचार्य को अपने विवेक से तीन दिन का स्थानीय अवकाश घोषित करने का अधिकार होगा। इसकी जानकारी विद्यालय के सूचना पट्ट पर प्रदर्शित करने के साथ-साथ जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) को भी देनी होगी।
माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. महेंद्र देव द्वारा जारी कैलेंडर में विवाहित महिला शिक्षिकाओं के लिए करवा चौथ की छुट्टी का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा, क्षेत्र विशेष में हरितालिका तीज या हरियाली तीज, संकठा चतुर्थी, हलषष्ठी, ललई छठ, जिउतिया व्रत और अहोई अष्टमी जैसे व्रतों के लिए महिला शिक्षिकाओं को उनके आवेदन पर दो दिन तक का अवकाश दिया जा सकेगा।
राष्ट्रीय पर्वों पर विद्यालयों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। महापुरुषों, स्वतंत्रता आंदोलन के क्रांतिकारियों और समाज सुधारकों की जयंती पर कम से कम एक घंटे की गोष्ठी या सेमिनार आयोजित करना अनिवार्य होगा। यदि संबंधित दिन अवकाश होता है, तो अगले कार्यदिवस पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इसके अलावा, शोक सभाएं केवल विद्यालयों से जुड़े शिक्षकों, कर्मचारियों या छात्र-छात्राओं के निधन की स्थिति में ही आयोजित की जाएंगी। स्थानीय अवकाश जिलाधिकारी द्वारा जारी अवकाश सूची के अनुसार ही मान्य होंगे।