KNEWS DESK- उत्तर प्रदेश में अब नया बिजली कनेक्शन लेना पहले की तुलना में कहीं ज्यादा सस्ता और आसान हो गया है। उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (UPERC) ने बुधवार को नई कॉस्ट डाटा बुक–2025 जारी कर दी है, जो अगले दो वर्षों तक लागू रहेगी। इसके तहत स्मार्ट प्रीपेड मीटर, नए कनेक्शन और विभिन्न शुल्कों में बड़ी राहत दी गई है। सबसे अहम बदलाव यह है कि अब एस्टीमेट बनाने की पुरानी व्यवस्था खत्म कर फिक्स चार्ज लागू कर दिया गया है।
नई व्यवस्था के तहत स्मार्ट प्रीपेड मीटर अब काफी सस्ते हो गए हैं—
सिंगल फेज स्मार्ट प्रीपेड मीटर
पहले- ₹6016 → अब- ₹2800
थ्री फेज स्मार्ट प्रीपेड मीटर
पहले- ₹11342 → अब- ₹4100
एस्टीमेट सिस्टम खत्म, फिक्स चार्ज लागू
नए बिजली कनेक्शन के लिए अब खंभा, तार और ट्रांसफार्मर के नाम पर अलग-अलग एस्टीमेट नहीं बनाए जाएंगे। अब 300 मीटर तक दूरी और 150 किलोवाट तक लोड (निजी नलकूप को छोड़कर) के लिए फिक्स शुल्क लागू होगा।
2 किलोवाट कनेक्शन (100 मीटर दूरी तक)– ₹5500
2 किलोवाट कनेक्शन (300 मीटर दूरी तक)– ₹7555
पहले इसी तरह के कनेक्शन पर 10 से 20 हजार रुपये तक वसूले जाते थे।
आयोग के सचिव सुमित अग्रवाल ने बताया कि पावर कॉर्पोरेशन को निर्देश दिए गए हैं कि 12 जनवरी 2026 तक सॉफ्टवेयर में जरूरी बदलाव कर लिए जाएं, ताकि उपभोक्ताओं से नई दरों के अनुसार ही शुल्क लिया जाए। जिन उपभोक्ताओं ने 9 सितंबर 2025 के बाद स्मार्ट प्रीपेड मीटर के लिए ₹6016 जमा किए हैं, उनके लिए अतिरिक्त राशि की वापसी या समायोजन का विकल्प देने पर भी विचार किया जा रहा है।
अविकसित और गैर-विद्युतीकृत कॉलोनियों में रहने वालों से अब बुनियादी ढांचे का शुल्क नहीं लिया जाएगा। उन्हें केवल मीटरिंग शुल्क देना होगा। आयोग का तर्क है कि इंफ्रास्ट्रक्चर की लागत पहले से ही विकास शुल्क के माध्यम से वसूली जाती है। यही व्यवस्था बहुमंजिला भवनों में मल्टी-पॉइंट कनेक्शन पर भी लागू होगी।