KNEWS DESK- बिहार में विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण का मतदान पूरे जोश और उमंग के साथ जारी है। सुबह 7 बजे से ही मतदाता मतदान केंद्रों पर लंबी कतारों में खड़े होकर लोकतंत्र के इस पर्व में हिस्सा ले रहे हैं।
इस बार चुनाव आयोग ने वोटिंग प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए नई व्यवस्था की है। आयोग ने हर मतदान केंद्र पर एक आंगनबाड़ी सेविका की ड्यूटी लगाई है। इन सेविकाओं को विशेष जिम्मेदारी दी गई है कि अगर किसी मतदाता के चेहरे पर बुरका या किसी अन्य कारण से पहचान संदिग्ध लगती है, तो वह महिला मतदाता की पहचान की पुष्टि करेंगी।
आयोग ने यह स्पष्ट किया है कि इस व्यवस्था का धर्म से कोई संबंध नहीं है, बल्कि यह केवल मतदान की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया कदम है। अधिकारियों ने कहा कि भारत का लोकतंत्र संविधान के सिद्धांतों पर आधारित है, यहां किसी प्रकार का धार्मिक कानून लागू नहीं है।
रघुनाथपुर विधानसभा क्षेत्र के प्रतापपुर बूथ पर आज एक विशेष दृश्य देखने को मिला, जब दिवंगत बाहुबली नेता मोहम्मद शहाबुद्दीन के बड़े भाई गयासुद्दीन अहमद मतदान करने पहुंचे। मतदान के बाद उन्होंने कहा, “मेरा भतीजा इस बार विधायक जरूर बनेगा और सदन में जाकर रघुनाथपुर के विकास के लिए आवाज बुलंद करेगा।” उन्होंने यह भी कहा कि बाहरी नेताओं की बड़ी-बड़ी बातों में रघुनाथपुर की जनता नहीं आने वाली, लोग अब विकास की राजनीति चाहते हैं।
इधर तारापुर विधानसभा क्षेत्र से एक प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई, जहां एक बुजुर्ग महिला सुबह-सुबह मतदान केंद्र पहुंचीं। उनकी उम्र के बावजूद उन्होंने उत्साह के साथ मतदान किया। इस दौरान सुरक्षा कर्मियों ने उनकी मदद की, जो लोकतंत्र में नागरिकों की भागीदारी और सुरक्षा बलों की संवेदनशीलता दोनों को दर्शाता है।
पहले चरण के मतदान में अब तक शांतिपूर्ण तरीके से वोटिंग जारी है। महिलाएं, युवा और बुजुर्ग सभी अपने मताधिकार का उपयोग करने के लिए मतदान केंद्रों पर पहुंच रहे हैं। चुनाव आयोग को उम्मीद है कि पहले चरण में मतदान प्रतिशत पिछली बार की तुलना में अधिक रहेगा।