डिजिटल डेस्क- नेपाल में पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में एक बार फिर बड़ी बढ़ोतरी की गई है, जिससे आम जनता पर महंगाई का अतिरिक्त बोझ पड़ गया है। काठमांडू से मिली जानकारी के अनुसार, नेपाल आयल निगम ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव और लगातार हो रहे घाटे का हवाला देते हुए पेट्रोल, डीजल, केरोसिन, एलपीजी गैस और विमान ईंधन की कीमतों में इजाफा कर दिया है। नई दरें शुक्रवार से पूरे देश में लागू हो गई हैं। संशोधित कीमतों के मुताबिक पेट्रोल अब 17 रुपये प्रति लीटर महंगा हो गया है, जबकि डीजल और केरोसिन की कीमत में 25-25 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। इसके अलावा, खाना पकाने वाले एलपीजी सिलेंडर के दाम में 100 रुपये की वृद्धि की गई है। घरेलू विमान ईंधन भी 6 रुपये प्रति लीटर महंगा कर दिया गया है।
नेपाल में पेट्रोल की नई कीमत 219 रूपए प्रति लीटर
नई दरों के लागू होने के बाद नेपाल में पेट्रोल की कीमत 219 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है, जबकि डीजल और केरोसिन अब 207 रुपये प्रति लीटर मिलेंगे। वहीं, एलपीजी सिलेंडर की कीमत बढ़कर 2,010 रुपये हो गई है और घरेलू विमान ईंधन 257 रुपये प्रति लीटर निर्धारित किया गया है। सरकार का कहना है कि लगातार बढ़ते नुकसान के कारण यह फैसला लेना मजबूरी बन गया था। सरकार ने यह भी बताया कि सीमा शुल्क और अवसंरचना विकास कर में 50 प्रतिशत तक कटौती करने के बावजूद नुकसान कम नहीं हो पाया है। नेपाल आयल निगम के अनुसार, ताजा मूल्य वृद्धि के बाद भी हर पखवाड़े करीब 7.81 अरब रुपये के घाटे का अनुमान है।
मिडिल ईस्ट में तनाव के चलते बढ़ा दाम
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता और आपूर्ति में कमी इसका मुख्य कारण है। खासकर ईरान-अमेरिका के बीच तनाव और युद्ध जैसे हालात ने वैश्विक तेल आपूर्ति को प्रभावित किया है, जिसका सीधा असर नेपाल जैसे आयात-निर्भर देशों पर पड़ रहा है। गौरतलब है कि पिछले एक महीने के भीतर यह चौथी बार है जब नेपाल आयल निगम ने पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में बढ़ोतरी की है। लगातार बढ़ती कीमतों से आम लोगों की जेब पर असर पड़ रहा है, खासकर परिवहन और घरेलू खर्चों में तेजी से इजाफा हो रहा है। हालांकि सरकार ने टैक्स में कटौती कर कुछ राहत देने की कोशिश की, लेकिन इसका सीधा फायदा उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंच सका। पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें अब भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं, जिससे महंगाई और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।