डिजिटल डेस्क- वाराणसी के मंडुवाडीह थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। लहरतारा स्थित निजी बस अड्डे के पास एक मकान में गैस सिलिंडर ब्लास्ट होने से घर पूरी तरह ध्वस्त हो गया। इस हादसे में भाई-बहन की मौत हो गई, जबकि परिवार के दो अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। धमाका इतना तेज था कि आसपास के लोग सहम गए और तुरंत घरों से बाहर निकल आए। मौके पर पहुंचकर देखा गया कि एक मकान पूरी तरह मलबे में तब्दील हो चुका है। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और राहत टीम को सूचना दी, जिसके बाद बचाव कार्य शुरू किया गया।
मलबे में दबे परिवार के लोग
पुलिस के अनुसार, इस हादसे में ओम कुमार चौधरी (30) और उनकी बहन प्रीति (27) की मौत हो गई। वहीं अमन चौधरी (31) और बुजुर्ग गिरजा देवी (60) गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को तुरंत बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान भाई-बहन ने दम तोड़ दिया। घटना के समय परिवार के लोग घर के अंदर ही मौजूद थे। ब्लास्ट के बाद पूरा मकान ढह गया, जिससे सभी सदस्य मलबे में दब गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत रेस्क्यू शुरू किया और बाद में पुलिस व फायर ब्रिगेड की मदद से सभी को बाहर निकाला गया।
गैस रिसाव बना हादसे की वजह
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह हादसा गैस सिलिंडर में रिसाव के कारण हुआ। एडीसीपी नीतू कात्यायन के अनुसार, सुबह गिरजा देवी घर में खाना बना रही थीं, तभी गैस सिलिंडर से रिसाव हुआ और अचानक जोरदार धमाका हो गया। धमाके की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि मकान की दीवारें तक गिर गईं। बताया जा रहा है कि परिवार एक जर्जर मकान में रह रहा था, जिससे नुकसान और ज्यादा बढ़ गया। ब्लास्ट के बाद मकान का ढांचा पूरी तरह ध्वस्त हो गया। घटना की सूचना मिलते ही नीतू कात्यायन, एडीएम आलोक वर्मा समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। इसके अलावा फायर ब्रिगेड, फॉरेंसिक टीम, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू की। नगर निगम की टीम जेसीबी की मदद से मलबा हटाने में जुटी रही, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कहीं कोई और व्यक्ति दबा न रह गया हो। पूरे इलाके को घेरकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।
इलाके में दहशत का माहौल
इस दर्दनाक हादसे के बाद इलाके में अफरातफरी और दहशत का माहौल बन गया। दो लोगों की मौत से परिवार में कोहराम मच गया है। आसपास के लोग भी इस घटना से बेहद दुखी और स्तब्ध हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि धमाका इतना जोरदार था कि कई घरों की खिड़कियां तक हिल गईं। लोग काफी देर तक सहमे रहे और घटनास्थल पर भीड़ जमा हो गई। फिलहाल पुलिस और फॉरेंसिक टीम मामले की जांच में जुटी है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि गैस सिलिंडर में रिसाव कैसे हुआ और क्या इसमें किसी तरह की लापरवाही शामिल थी। इस हादसे ने एक बार फिर घरेलू गैस सिलिंडरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि समय-समय पर गैस पाइप और सिलिंडर की जांच बेहद जरूरी है, ताकि इस तरह के हादसों से बचा जा सके।