मिशन 2024 के लिए योगी सरकार का मास्टर स्ट्रोक,OBC की 17 जातियां SC कैटेगरी में होंगी शामिल

उत्तराखंड की तर्ज पर SC बनेंगी 18 OBC जातियां  

17 ओबीसी जातियों उप जातियों को SC कैटेगरी में शामिल करने की तैयारी

बीजेपी सरकार अगर ऐसा करने में सफल रही 24 लोकसभा चुनाव में कांग्रेस सपा बसपा को लगेगा बड़ा झटका 

यूपी की बीजेपी सरकार जल्द ही 17 पिछड़ी जातियों को अनुसूचित जाति का आरक्षण देने पर फैसला करने जा रही है। इसके लिए पूरी विधिक कार्यवाही नए सिरे से करने की तैयारी है। माना जा रहा है कि राज्य सरकार इसके लिए विधानसभा के आगामी मानूसन सत्र में इन जातियों को आरक्षण देने का प्रस्ताव पास कर सकती है, जिसे संसद के दोनों सदनों से पारित करने के लिए केंद्र को भेजा जाएगा।

वहीं सरकार की यह योजना भी है कि रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त द्वारा मझवार और भर जातियों को ठीक से परिभाषित कर सभी राज्यों को उनकी सभी उपजातियों को एससी के दायरे में शामिल करने के लिए अधिसूचित कर दिया जाए। कारण यह कि मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान में ये जातियां अनुसूचित जाति की श्रेणी में पहले से हैं।

 

राजनैतिक गलियारे में भाजपा सरकार के इस निर्णय को लेकर चर्चाएं तेज हो गयी है,कुछ जानकारों का कहना है कि अगर सरकार ऐसा करने में सफल हो गयी तो 2024 लोकसभा में यूपी में इसका बड़ा असर देखने को मिलेगा । मानसून सत्र में सरकार अगर यह प्रस्ताव पास कराने में सफल रही तो 2014 और 2019 लोकसभा चुनाव से भी अधिक फायदा भाजपा को मिलेगा । वही भाजपा के इस निर्णय से जहां एक तरफ भाजपा खुश नजर आ रही है वही विपक्षी राजनीतिक दलों सपा,बसपा ,कांग्रेस और सुभासपा सहित छोटे दलों की नींद हराम हो गई है। जानकारों का कहना है कि सरकार अगर यह ऐसा करने में कामयाब रही तो यह भाजपा का मास्टर स्ट्रोक होगा और भाजपा जो लक्ष्य यूपी बीजेपी में रखा है लोकसभा 2024 चुनाव के लिए उसको प्राप्त करने में उसको कोई दिक्कत नहीं होगी ।

प्रदेश सरकार इसी मद्देनज़र हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में लंबित विभिन्न मामलों में अपना पक्ष रखते हुए अधिसूचनाओं को रद्द करवा दिया गया है ताकि कोई कानूनी अड़चन न रहे।

निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री डॉक्टर संजय निषाद का कहना है कि मैंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी को पत्र लिख दिया था और उनसे आग्रह किया था कि वह केंद्र सरकार को इस विषय पर पत्र लिखें और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ में तुरंत उस पर एक्शन लिया और केंद्र सरकार को पत्र लिख कर इस पर विचार करने का आग्रह किया। इसके अलावा डॉक्टर संजय निषाद केंद्रीय मंत्री ए नारायण स्वामी को बीती 26 जुलाई को पत्र भेज कर इस संबंध में सकारात्मक सहमति जताई है।

संजय का दावा है कि 1950 से पहले मझवार और भर जातियों को अनुसूचित जाति की श्रेणी में होने की वजह से लाभ मिलता था लेकिन बाद के वर्षों में उत्तर प्रदेश में इन जातियों को ओबीसी की जातियों की सूची में डाल दिया गया।
फिलहाल, आने वाले कुछ दिनों में सरकार और भाजपा की यह रणनीति साफ हो जाएगी। दरअसल, पार्टी संगठन के बड़े सूत्रों और राज्य सरकार के अधिकारियों की मानें तो तय किया गया है कि लंबे समय से संघर्ष कर रही 17 जातियों को अनुसूचित जाति जनजाति की श्रेणी में शामिल करते हुए उन्हें आरक्षण के साथ अन्य सुविधाएं भी दी जाएं। यूपी में इसके लिए दो बार हुए सर्वे में भी इन जातियों को आर्थिक व सामाजिक रूप से अत्यंत पिछड़ा बताते हुए अनुसूचित जाति जन जाति में शामिल होने के लिए उपयुक्त माना गया है।
दरअसल, भाजपा मिशन-2024 के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाने में जुट गई है। ओबीसी की इन 17 जातियों को अलग से आरक्षण का लाभ न देने के मुद्दे पर ही भाजपा से बीते विधानसभा चुनाव में अलग हुए ओपी राजभर को भी भरोसा दिलाया जा रहा है कि इसे जल्द अंजाम तक पहुंचाया जाएगा।

भारतीय जनता पार्टी को 2000 14 से लगातार ओबीसी जातियों का समर्थन मिल रहा है 2014 2017 2019 और फिर 2022 चुनाव में उत्तर प्रदेश में भाजपा को ओबीसी जातियों का भरपूर समर्थन मिला था अब ओबीसी को बड़े पैमाने पर साथ लेने के लिए मिशन-2024 में 80 सीटें पाने के लिए ही भाजपा की राज्य व केंद्र सरकार एक बार फिर ओबीसी पर ही दांव लगाने की तैयारी में है। इन जातियों को विधानसभा चुनाव 2022 से पहले आरक्षण न देने के कारण पार्टी को सियासी नाराजगी भी झेलनी पड़ी थी।

-मिशन-2024 के लिए पार्टी ने बनाई रणनीति, ओबीसी कार्ड ही रहेगा दांव पर
-अधिसूचनाएं रद्द करने का शपथपत्र देने के पीछे भी यही रणनीति,-आगामी सत्र में आ सकता है बिल

-रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त से स्पष्ट कराई जा सकती है मझवार और भर जाति की परिभाषा
कहार, कश्यप, केवट, मल्लाह, निषाद, कुम्हार, प्रजापति, धीवर, बिंद, भर, राजभर, धीमान, बाथम, तुरहा, गोडिया, मांझी और मछुआ जातियां शामिल हैं

सरकार अगर अपने इस निर्णय में सफल रही तो एक तरफ जहां भाजपा को भरपूर फायदा मिलेगा वहीं विपक्ष का सूपड़ा साफ हो जाएगा। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि भाजपा का यह बड़ागांव विपक्षी दलों का सूपड़ा साफ कर देगा अगर सरकार अपने योजना में कामयाब रहे तो 2024 लोकसभा चुनाव में भाजपा को ओबीसी के साथ-साथ 80 जातियों का पूरा समर्थन मिलेगा जिसकी वजह से विपक्ष पूरी तरह से साफ होगा और भाजपा ने जो लक्ष्य रखा है उसको आसानी से हासिल कर लेगी।