सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब के पटियाला और मोगा जिलों के 50 म्युनिसिपल वार्डों में हुए चुनावों को रद्द करते हुए इन वार्डों में दोबारा चुनाव कराने का आदेश दिया है। कोर्ट द्वारा नियुक्त फैक्ट-फाइंडिंग कमीशन की रिपोर्ट में नामांकन प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों और उम्मीदवारों को रोकने के आरोपों की पुष्टि हुई थी।
Knews Desk– चीफ जस्टिस सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट की पूर्व जज जस्टिस निर्मलजीत कौर की अध्यक्षता वाले एक सदस्यीय फैक्ट-फाइंडिंग कमीशन की रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया। कोर्ट ने प्रभावित 50 वार्डों में नए सिरे से चुनाव कराने का निर्देश दिया है। दोबारा चुनाव की पूरी प्रक्रिया छह हफ्तों के भीतर पूरी करने को कहा गया है।
यह मामला पंजाब के म्युनिसिपल चुनावों को चुनौती देने से जुड़ा था। याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि सत्ताधारी पार्टी के सदस्यों, पुलिस अधिकारियों और अन्य लोगों ने उम्मीदवारों को नामांकन पत्र दाखिल करने से रोका। आरोपों के मुताबिक, उम्मीदवारों के साथ मारपीट की गई, उनके कपड़े फाड़े गए और नामांकन पत्र छीनने या उन्हें नष्ट करने की कोशिश की गई।
याचिकाकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया था कि हाई कोर्ट के निर्देश के बावजूद नामांकन प्रक्रिया की ऑडियो-विजुअल रिकॉर्डिंग नहीं कराई गई।
सुप्रीम कोर्ट ने विवादित आरोपों की जांच के लिए जस्टिस निर्मलजीत कौर को फैक्ट-फाइंडिंग कमीशन का प्रमुख नियुक्त किया था। कमीशन ने हलफनामों, आधिकारिक जवाबों, वीडियो और CCTV फुटेज, तस्वीरों, वोटर रजिस्टर और वोटर लिस्ट सहित कई दस्तावेजों की जांच की। इसके अलावा चुनाव अधिकारियों, पुलिस अधिकारियों, सिविल अधिकारियों, चुनाव ऑब्जर्वर और शिकायतकर्ताओं के बयान भी दर्ज किए गए।
कमीशन की रिपोर्ट में नामांकन प्रक्रिया में उम्मीदवारों को रोकने, उनके साथ मारपीट करने, धमकाने और नामांकन पत्र छीनने या नष्ट करने जैसी घटनाओं का उल्लेख किया गया। सुप्रीम कोर्ट ने रिपोर्ट को स्वीकार करते हुए प्रभावित 50 वार्डों में चुनाव दोबारा कराने का आदेश दिया।