RAJESH VERMA-उत्तराखंड चारधाम यात्रा को लेकर सभी संबंधित विभाग तैयारी में जुटे हुए हैं। इसी क्रम में परिवहन विभाग भी चारधाम में आने वाले यात्रियों को सुविधा उपलब्ध कराए जाने को लेकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में जहां एक ओर परिवहन विभाग की ओर से परिवहन निगम की 125 बसों को चारधाम यात्रा रूट पर तैनात करने का निर्णय लिया है। तो वहीं, दूसरी और ट्रैफिक व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के साथ ही सभी वाहनों जो भी चार धाम यात्रा रूट पर संचालित होंगी, उन सभी वाहनों की व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी भी परिवहन निगम पर है। ऐसे में परिवहन निगम किन महत्वपूर्ण पहलुओं पर कर रहा है काम, कमर्शियल वाहनों के रजिस्ट्रेशन की क्या है स्थिति? देखिए इस रिपोर्ट में…….
उत्तराखंड चारधाम यात्रा 30 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही शुरू हो रही है। जिसके चलते चारधाम से संबंधित विभाग तैयारियों में जुटी हुई है। इसी क्रम ने परिवहन विभाग भी तैयारियों में जुटा है। ताकि चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं को परिवहन संबंधित दिक्कतों का सामना न करना पड़े। जिसको देखते हुए परिवहन निगम आगामी चारधाम यात्रा के मद्देनजर 125 बसों को चारधाम यात्रा रूट पर संचालित करने का निर्णय लिया है। ऐसे में इन बसों का ग्रीन कार्ड बनाए जाने की प्रक्रिया भी तेज हो गई है। ताकि इन बसों को यात्रा रूट पर संचालित किया जा सके। हालांकि, ये बसें कॉन्ट्रैक्ट कैरिज परमिट पर चलाई जाएंगी।
हर साल चारधाम यात्रा के दौरान लाखों निजी और कमर्शियल वाहनों का आवागमन होता है। पर्यटन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, साल 2023 में चारधाम यात्रा के दौरान कुल 5,68,459 वाहन धामों के समीप पहुंचे थे। तो वही, साल 2024 के दौरान करीब 5 लाख 20 हज़ार वाहन पहुंचे थे। लेकिन अभी चारधाम की यात्रा शुरू नहीं है जबकि यात्रा के लिए हो रहे रजिस्ट्रेशन के आंकड़े के अनुसार, 28 मार्च 2025 की शाम तक 10783 निजी वाहनों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है। जिसके जरिए श्रद्धालु धामों के दर्शन करने आएंगे। हालांकि, अभी कमर्शियल वाहनों का ग्रीन कार्ड बनने की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। लेकिन अनुमान लगाया जा रहा है कि इस साल चारधाम यात्रा के दौरान धामों में आने वाले वाहनों की संख्या का आंकड़ा 6 लाख के पार हो सकता है।
साल 1968 में पहली बार बद्रीनाथ में बस पहुंची थी। उस दौरान बद्रीनाथ धाम में हर यात्रा सीजन के दौरान करीब 60 हज़ार लोग यात्रा करते थे। इसके साथ ही 1969 में गंगोत्री तक मोटर मार्ग बने और 1987 में भैरों घाटी का पुल बनने के बाद अचानक गंगोत्री में वाहनों और यात्रियों की संख्या में तेजी से वृद्धि होने लगी। चारधाम यात्रा मार्गों पर परिवहन निगम की बसों का संचालन पहली बार कोरोना काल यानी 2020 से शुरू की गई थी। क्योंकि उस दौरान बसों में यात्री क्षमता को 50 फीसदी कर दिया गया था जिसके चलते निजी बस ऑपरेटरों ने हाथ खड़े कर दिए थे। जिसके बाद से ही परिवहन निगम यात्रा रूटों पर रोडवेज की बसों को संचालित कर रहा है। इसी क्रम में चारधाम यात्रा 2025 के दौरान भी यात्रा रूटों पर परिवहन निगम ने 125 बसे संचालित करने का निर्णय लिया है।
वही, ज्यादा जानकारी देते हुए परिवहन निगम की एमडी रीना जोशी ने कहा कि आगामी चारधाम यात्रा को लेकर परिवहन निगम की तैयारियां पूरी है, इस बार भी चारधाम यात्रा रूट पर निगम की बसों का संचालन किया जाएगा। फिलहाल, यात्रा रूट पर 125 बसों को लगाया जाएगा। लेकिन अगर यात्रियों की आवाजाही के लिए परिवहन विभाग को बस की जरूरत होगी तो परिवहन विभाग को भी बसें उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही ऋषिकेश, हरिद्वार और श्रीनगर डिपो में अतरिक्त मैन पावर के साथ ही जरूरी उपकरण भी उपलब्ध कराए जाएंगे। यही नहीं, 125 बसों के अलावा भी कुछ बसों को रिजर्व में भी रखा जाएगा ताकि कोई बस खराब हो जाती है तो यात्रियों को किसी अन्य बस से भेजा जा सके।
परिवहन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, चारधाम यात्रा रूट पर अभी फिलहाल 125 बसों को संचालित की जाएगी। इन बसों का परिवहन विभाग से परमिट जारी करने के साथ ही ग्रीन कार्ड बनाए जाने के लिए प्रक्रिया और तैयारियां चल रही है। प्रदेश के तीनों मंडलों से बसों को चिन्हित किया गया है जिसको यात्रा रूट पर संचालित किया जाएगा। देहरादून मंडल से 59 बसें, नैनीताल मंडल से 41 बसें और टनकपुर मंडल से 25 बसों का संचालन किया जायेगा।
इन डिपो से लगाई जाएंगी इतनी बसें……..
– ऋषिकेश डिपो से 16 बसें लगाई जाएगी
– हरिद्वार डिपो से 08 बसें लगाई जाएगी
– पर्वतीय डिपो से 20 बसें लगाई जाएगी
– कोटद्वार डिपो से 10 बसें लगाई जाएगी
– श्रीनगर डिपो से 5 बसें लगाई जाएगी
– अल्मोड़ा डिपो से 6 बसें लगाई जाएगी
– भवाली डिपो से 5 बसें लगाई जाएगी
– रानीखेत डिपो से 8 बसें लगाई जाएगी
– काठगोदाम डिपो से 4 बसें लगाई जाएगी
– हल्द्वानी डिपो से 2 बसें लगाई जाएगी
– रामनगर डिपो से 8 बसें लगाई जाएगी
– बागेश्वर डिपो से 8 बसें लगाई जाएगी
– टनकपुर डिपो से 4 बसें लगाई जाएगी
– लोहाघाट डिपो से 6 बसें लगाई जाएगी
– पिथौरागढ़ डिपो से 15 बसें लगाई जाएगी