अगर नदियों का बड़ा जलस्तर तो कहा करेगे सेंसर अलर्ट

अगर नदियों का बड़ा जलस्तर तो कहा करेगे सेंसर अलर्ट

उत्तराखंड की बड़ी नदियों में यदि जलस्तर बढ़ेगा तो साथ में ही अलर्ट आ जाएगा। बांधों की डाउन स्ट्रीम में भी ऑटोमेटिक सेंसर लगे है। बड़ी नदियों और बांधों की मॉनिटरिंग के लिए बुधवार को राज्य सचिवालय में आपदा प्रबंधन विभाग और सिंचाई अनुसंधान संस्थान रुड़की के बीच समझौता हो गया। राष्ट्रीय जल विज्ञान परियोजना के तहत नदियों में यह तंत्र विकसित कर रही है। इस समझौते के मुताबिक, दोनों संस्थाओं के बीच जल संसाधन संबंधी आंकड़े साझा हो सकेंगे। राज्य में बड़ी नदियों का सही टाइम डाटा प्राप्त होगा और बाढ़ और पूर्व चेतावनी तंत्र विकसित होगा। 
नदियों का जलस्तर मापने के लिए सेंसर का प्रयोग होगा 
बड़ी नदियों में जल स्टार मापने के लिए सेंसर लगाए जाएंगे। ऑटोमेटिक वाटर लेवल रिकॉर्डर की मदद से एक ही जगह पर टाइम डाटा की जानकारी मिलती रहेगी।आपदा कंट्रोल से जुड़ा होगा तंत्र 
रियल टाइम को देखने के लिए जो तंत्र लगाया जाएगा वो आपदा परबंधन विभाग के कंट्रोल से सीधा जुड़ा होगा। यानी नदियों और  बांधों में लगाए गए सभी सेंसर से सारा डाटा आपदा कंट्रोल रूम को प्राप्त होगा।   

मैनुअल सेंसर की जगह ऑटोमेटिक सेंसर होंगे 

पहले सभी नदियों से मैनुअल सेंसर हटाकर उनकी जगह ऑटोमेटिक सेंसर लगाए जाएंगे। केंद्रीय जल विज्ञान परियोजना के तहत ये सेंसर लगाए जाएंगे।

बांधों पर लगेंगे ऑटोमेटिक सेंसर और सायरन
समझौते के तहत राज्य के सभी बांधों की अपस्ट्रीम में ऑटोमेटिक सेंसर लगेंगे और डाउन स्ट्रीम में ऑटोमेटिक सायरन स्थापित होंगे।  

नदियों और बांधों के जलस्तर को मापने के लिए रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम आपदा प्रबंधन बहुत मददगार होगा।  दो महीने में यह तंत्र तैयार कर लिया जाएगा।