थरूर का टूटा गुरूर खड़गे बने बॉस

LUCKNOW कांग्रेस दफ्तर में दीवाली से पहले फूंटते पटाखे खुशियों की आमद के तौर पर देखे जा रहे हैं। लंबे समय बाद चुनाव के जरिये कांग्रेस को उसका अध्यक्ष मिला है। एकतरफा चुनाव में मल्लिकार्जुन खड़गे ने शशि थरूर को लंबे मार्जिन से हरा दिया। खड़गे की जीत उसी दिन तय मानी जा रही जिस दिन उन्होंने अध्यक्ष पद के लिए नामांकन किया था। थरूर ने आज के दिन को कांग्रेस के पुर्नाजीवित होने का दिन बताया है।

अध्यक्ष पद पर हुए चुनाव के बाद वोटों की गिनती में खड़गे को 7,897 वोट मिले। जबकि शशि थरूर को 1072 वोटों पर ही संतोष करना पड़ा। जबकि 416 वोट अमान्य हुए हैं। कांग्रेस पार्टी के 137 साल के इतिहास में अभी तक अध्यक्ष पद के लिए सिर्फ 6 बार चुनाव हुए हैं। कांग्रेस में 1939, 1950, 1977, 1997 और 2000 में चुनाव हुए थे और अब 22 वर्षों के बाद अध्यक्ष पद के लिए चुनाव हो रहा है। चुनाव में 24 साल बाद गांधी परिवार के बाहर कोई नेता कांग्रेस पार्टी की कमान संभालेगा।

अध्यक्ष बनने के बाद खड़गे ने बीजेपी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अब वह गांधी परिवार न कहकर रिमोट अध्यक्ष का आरोप लगाएंगे। खड़गे कांग्रेसीयों की पहली पंसद के तौर पर सामने आये। खड़गे के सामने कई चुनौतियां है जिन्हें उन्हें पार करना होगा। हिमाचल और गुजरात विधानसभा चुनाव के बाद जल्द ही लोकसभा के चुनाव होने हैं। खड़गे को यूपी समेत दूसरे अन्य राज्यों से थोक में वोट मिले।