अलविदा क्वीन : दुनियाभर के नेताओं ने जताया शोक

ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का गुरुवार को   निधन हो गया आपको बता दे रानी 96 साल की थी  उन्होंने स्कॉटलैंड में अंतिम सांस ली महारानी को श्रद्धांजलि देने के लिए बकिंघम पैलेस के बाहर बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं महारानी का अंतिम संस्कार उनके निधन के 10 दिन बाद होगा इससे पहले, उनके ताबूत को बकिंघम पैलेस ले जाया जाएगा जहां रानी तीन दिनों के लिए राज्य में लेटी रहेगी इस दौरान लोग उनके अंतिम दर्शन कर सकेंगे, यह स्थल प्रतिदिन 23 घंटे तक खुला रहेगा 
 
PM मोदी ने जताया शोक
ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक जताया है पीएम मोदी ने कहा कि उन्होंने अपने देश और लोगों को प्रेरक नेतृत्व प्रदान किया।
70 साल किया राज 
एलिजाबेथ का जन्म मेफेयर, लंदन में ड्यूक और डचेस ऑफ यॉर्क  की पहली संतान के रूप में हुआ था उसके पिता ने 1936 में अपने भाई, किंग एडवर्ड अष्टम के हट जाने पर सिंहासन ग्रहण किया, जिससे एलिजाबेथ सिंहासन की उत्तराधिकारी बन गईं थीं
एलिजाबेथ की शिक्षा निजी तौर पर घर में हुई थी
उनकी शिक्षा निजी तौर पर घर में हुई थी द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान उन्होंने सहायक क्षेत्रीय सेवा में काम करते हुए सार्वजनिक कर्तव्यों का पालन करना शुरू कर दिया नवंबर 1947 में, उन्होंने ग्रीस और डेनमार्क के एक पूर्व राजकुमार, फिलिप माउंटबेटन से शादी की थी उनके कुल चार बच्चे थे : चार्ल्स, ; ऐनी ,प्रिंस एंड्रयू , प्रिंस एडवर्ड जब फरवरी 1952 में उनके पिता की मृत्यु हुई, तब एलिज़ाबेथ 25 वर्ष थीं वह सिंहासन की उत्तराधिकारी थीं सो वह सात स्वतंत्र राष्ट्रमंडल देशों की रानी और राष्ट्रमंडल देशों की प्रमुख बन गईं ये देश थे – यूनाइटेड किंगडम, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, दक्षिण अफ्रीका, पाकिस्तान और सीलोन (श्रीलंका)।