आइस क्यूब, हल्दी वाला दूध… जैसी इन Home Remedies से गले की सूजन को करें दूर

देश के अधिकतर हिस्सों में वायु प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ा हुआ है। दिल्ली-एनसीआर में एक्यूआई लेवल 400 के पार है। इस कारण स्कूल व कॉलेज को बंद कर दिया गया और लोगों को घरों में रहने की सलाह तक दी गई है। हर साल दिवाली के बाद प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है। ऐसे में लोगों को खांसी, जुकाम के अलावा गले में सूजन की दिक्कत भी होने लगती है। कमजोर इम्यूनिटी इसका एक कारण हो सकती है, लेकिन इस कंडीशन में पीड़ित व्यक्ति कुछ खा भी नहीं पाता है।
गले में सूजन के दौरान दर्द रहता है और ये समस्या कई दिनों तर परेशान कर सकती है. इसका इलाज दवा से हो सकता है, लेकिन क्या आप जानते हैं की आइस क्यूब का इस्तेमाल भी इस समस्या को दूर कर सकता है। हम आपको कुछ ऐसे होम रेमेडीज बताने जा रहे हैं, जिनसे आपको तेजी से राहत मिल सकती है। जानें इनके बारे में..

आइस क्यूब की होम रेमेडी

क्या आप जानते हैं कि गले की सूजन को आइस क्यूब के जरिए दूर किया जा सकता है। बस आपको इसका सेवन करना है। ये होम रेमेडी भले ही अजीब लगे, लेकिन इससे पॉजिटिव रिजल्ट पाए जा सकते हैं।आइस क्यूब को मुंह में रखें और इसका सेवन करें। गला खराब होने के दौरान आपको दिन में दो से तीन बार बर्फ का नुस्खा अपनाना है।

हल्दी वाला दूध

प्राचीन समय से हल्दी को एक देसी इलाज के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके एंटीबैक्टीरियल और एंटीसेप्टिक गुण शरीर की अधिकतर समस्याओं को तेजी से ठीक करने में मददगार होती हैं। गले के खराब होने या सूजन होने पर रोजाना रात में सोने से पहले हल्दी वाला दूध पिएं। आपको बस एक गिलास गर्म दूध में थोड़ी सी हल्दी मिलाकर इसे पीना है।

नमक के पानी के गरारे

गले में हुई सूजन को कम करने के लिए नमक के पानी के गरारे करना एक बेस्ट सॉल्यूशन है। आपको थोड़ा सा पानी गर्म करना है और इसके गुनगुना होने पर इसमें नमक मिलाएं। मुंह में पानी लें और ऊपर की तरफ देखते हुए गरारे करें। इस तरीके को दिन में दो बार अपनाएं। एक या दो दिन में आप फर्क देख पाएंगे।

स्टीम लेना 

बहती नाक, गले में खराश, सूजन या फिर अन्य समस्याओं को दूर करने के लिए गर्म की भाप को लेना चाहिए। आप चाहे तो आयुर्वेदिक तरीके से भी भाप ले सकते हैं। बस आपको पानी में नीम की पत्तियों को डालकर उबाल लेना है और फिर इसकी भाप लेनी चाहिए। ये नुस्खा आपको काफी राहत पहुंचा सकता है।