भक्तों को श्रीकृष्ण के जीवन से लेनी चाहिए ये सीख

आज पूरे देश में जन्माष्टमी का महोत्सव मनाया जा रहा है। पूरे देश भर में श्रद्धालु मंदिर जाकर भगवान श्रीकृष्ण कि आराधना कर रहे है।

भगवान श्रीकृष्ण मार्ग प्रशस्तक हैं, उन्होंने हमेशा मार्ग दिखाया है और हमेशा धर पाठ पर आगे रहने की प्रेरणा दी है। वही आजकल देखे तो युवा कही भटक स गया है, वह सही मार्ग की ओर बढ़ रहा है या नहीं पता नहीं चल पाता है। ऐसे में भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से अगर ये सिख लेते है तो आप जीवन में सफल हो सकते है-

·      भगवान श्रीकृष्ण को मिश्री और माखन बहुत पसंद है। गीत उपदेश के समय भगवान ने अर्जुन से कहा था की पांचों कर्मेन्द्रियों और ज्ञानेन्द्रियों समेत मन को जीतने के लिए सात्विक भोजन करना अनिवार्य है। इससे व्यक्ति दीर्घायु होता है। और हमेशा स्वच्छ रहता है। इससे यह सिख मिलती है की हमें भी सात्विक भोजन लेना चाहिए और अपने स्वास्थ्य का सही रूप से ध्यान रखना चाहिए।

·      रिश्तों को हमेशा सर्वोपरि रखना चाहिए। जो महाभारत के समय देखने को मिल था, युद्ध के समय श्रीकृष्ण द्वारा पांडवों का साथ देने के बावजूद दोनों तरफ से एक दूसरे के परिवार के प्रति बैर भावना नहीं पैदा हुई थी। साथ ही आपको बता दे की दुर्योधन की पुत्री लक्ष्मणा का विवाह भगवान श्रीकृष्ण के पुत्र सांब के साथ हुआ था।

·      नारी का हमेशा सम्मान करना चाहिए। ऐसा कहा जाता है की वह पर देवताओं का वास होता है। भगवान श्रीकृष्ण ने हमेशा स्त्रियों का सम्मान किया है, इसके लिए जितने उद्हारण लिए जाए वो कम है। भगवान श्रीकृष्ण ने द्रौपदी का भरे समाज में अपमान होने से बचाया था। वही भगवान श्रीकृष्ण ने नरकासूर  के आतंक से 16100 कन्याओं को मुक्त कराया था।

·      जीवन हमेशा संघर्षों से भर रहेगा पर हमें बिना हार माने आगे बढ़ते रहना चाहिए। भगवान श्रीकृष्ण का जन्म कारागार में हुआ था। जिसके बाद उन्होंने गोकुल में अपना जीवन यापन किया था । और हर जगह उन्होंने कई संघर्षों का सामना किया था।

·      शांति मार्ग पर अग्रसर रहना चाहिए। महाभारत के समय पांडव और कौरव युद्ध के जरिए समस्या का समाधान करना चाहते थे, लेकिन भगवान श्रीकृष्ण ने अंत तक शांति से समाधान निकालने की बात करते रहे।