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श्रद्धा और आफतब दोनों मुम्बई के एक कॉल सेंटर मे काम करते थे दोनों की जान पहचान वहीं पर हुई थी फिर ये जान पहचान दोस्ती और दोस्ती कब प्यार मे बदल गई ये पता ही नहीं चला दोनों एक दूसरे को बेइंतहा प्यार करते थे और सात जन्मों तक साथ रहने की कसमें खाते थे मगर दोनों के परिवाले इस रिशते के खिलाफ थे
जिसकी वजह से दोनों माया नगरी मुम्बई छोडकर दिल की नगरी कही जानें वाली दिल्ली मे अपना आशियाना बनाकर रहने लगे थे युवती अक्सर युवक से शादी की बात करती थी तो युवक कुछ न कुछ कहकर टाल देता था जिसको लेकर दोनों के बीच विवाद होता रहता था लेकिन एक दिन अचानक युवती कहीं लापता हो गई और 6 महीने बाद युवती का पता चला तो हर कोई दंग रह गया

पिता की तलाश

महाराष्ट्र के पालघर मे रहने वाले 59 वर्ष के विकास वाकर दिल्ली के महरौली थाने मे अपनी बेटी श्रद्धा की अपहरण की FIR दर्ज कराई. उनका आरोप था कि अफताब पूनावाला नाम का युवक उनकी बेटी को प्रेम जाल मे फास कर मुम्बई से दिल्ली लेकर आया था .

पुलिस की जांच मे

पुलिस ने FIR दर्ज कर जब जांच शुरु की और लडके से पूछताछ पर पता चला कि युवक ने प्रेमिका की हत्या कर दी.
शरीर के किए कई टुकडे
पकड़े जाने पर आरोपी अफताब ने जो किस्सा पुलिस को सुनाया जिसको लेकर सभी के रोगंटे खडे हो गए क्योकि अफताब अपनी महबूबा की हत्या कर चुका था. ना कि उसने हत्या की बल्कि उसके शव को कुछ इस तरह ठिकानें लगाया कि दिल्ली पुलिस दंग रह गई.पुलिस से बचने के लिए उसने अपनी महबूबा यानी श्रद्धा के शरीर को कई टुकडों मे कर दिया था.
इसके बाद वो हर रोज उन टुकड़ो को दिल्ली के जगंलो मे फेकता रहा. सारे टुकड़ो को ठिकाने लगाने के बाद अफताब आराम से रह रहा था.

कैसे लगी पिता को जानकारी

पिता के मुताबिक दोनो के रिशते को मना करने के बाद श्रद्धा और अफताब मुम्बई छोडकर दिल्ली मे रहने लगे थे.वही पिता ने बताया कि श्रद्धा की बात उसके क्लासमेट लक्ष्मण से होती थी और लक्ष्मण से श्रद्धा की जानकारी मिलती रहती थी. लेकिन जब कई दिनों तक लक्ष्मण की बात नहीं हुई.ये बात जब श्रद्धा के पिता को बताई तो तब पिता ने बेटी का हालचाल जानने दिल्ली के फ्लैट पहुंचे. जहां फ्लैट पर ताला लगा हुआ था.किसी हनहोनी को लेकर वह तुरंत दिल्ली के महरौली थाने मे बेटी के अगवा होने का आरोप लगाया. जिसके बाद पुलिस जांच मे जुट गई.
कैसे कई दिनों तक रखें रहा
आरोपी के मुताबिक उसने शरीर के टुकड़ो को ठिकाने लगाने के लिए 300 लीटर का एक फ्रिज खरीदा था और टुकड़ो को एक करके 16 दिन तक जंगल मे फेक आता था.
तफ्तीश मे क्या हुआ
आरोपी इस समय पुलिस की गिरफ्त मे है और पुलिस आरोपी को लेकर जंगल मे ले जाकर शव के टुकड़ो को ढूढंने मे जुटी.