ग्राहकों को मिलेंगे, सुरक्षित कम्पोजिट गैस सिलेंडर 

एक दौर था जब गैस चूल्हा केवल आर्थिक रूप से समृद्ध लोगों के पास ही होता था। निर्धन परिवार बस लकड़ी से जलने वाले चूल्हे या मिट्टी तेल से जलने वाले स्टोव पर ही निर्भर रहते थे। लेकिन समय के साथ नीति में बदलाव आया और गैस की उपलब्धता को बढ़ाकर गरीब वंचित वर्ग के लोगों तक भी पहुँचाया गया। इसके साथ ही इस  दिशा में केंद्र सरकार के प्रयासों से प्रधान मंत्री उज्ज्वला योजना के तहत उपलब्धता को और सुगम बनाया गया। लेकिन जहाँ एक ओर  इससे सुविधा मिली वही आये दिन घरों में गैस सिलिंडर फटने की दुर्घटनाएँ सामने आती रही हैं। जिससे जान माल का भारी नुकसान होता है। इसकी एक वजह गैस सिलिंडर का लोहे की धातु से बना होना भी है। जिसके फटने पर भारी नुकसान होता है। इसलिए उपभोक्ता की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इंडियन ऑइल कंपनी ने कम्पोजीत सिलेंडर (मोटे प्लास्टिक से बना हुआ ) में गैस की बिक्री शुरु कर दी है अब गैस ऐजेंसियों से लोग इसे खरीद सकते हैं।

ज्यादा सुरक्षित है कम्पोजीत सिलेंडर

कम्पोजिट सिलेंडर की बात करें तो ये पुराने लोहे के बने सिलेंडर से ज्यादा सुरक्षित है। साथ ही इसका वजन भी पुराने सिलेंडर से कम है जिस कारण इसे कही भी ले जाना ज्यादा आसान होता है। इसके अलावा लोहे के सिलेंडर को लेकर लोगों की अक्सर ये शिकायत रहती है कि इसमें होम डिलीवरी वाले गैस कम कर देते हैं लेकिन कम्पोजीत सिलेंडर में ऐसा संभव नहीं है। क्योंकि ये पारदर्शी होता है जिस कारण आप गैस का स्तर चेक कर सकते हैं। प्रेमनगर में युरीका गैस एजेंसी के मालिक विनोद पंवार ने बताया कि कम्पोजिट सिलेंडर पुराने सिलेंडर से ज्यादा सुरक्षित ओर हल्का है। ये उन लोगों के लिए भी बेहतर है जो सीधे एजेंसी से सिलेंडर लेने आते हैं।

 

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