10 हजार पुलिसकर्मी रहेंगे काँवड़ के लिए तैनात

बृहस्पतिवार से कांवड़ मेले की औपचारिक शुरुआत हो रही है। शुरुआत से ही अंदाजा लगाया जा रहा है की इस बार काँवड़ मेले में 2019 में हुए मेले से अधिक भक्तों की संख्या देखने को मिल सकती है । 2019 में 3.90 करोड़ शिवभक्त हरिद्वार गंगाजल लेने पहुचे थे लेकिन इस बार यह संख्या इससे भी अधिक हो सकती है जिसके लिए यातायात के साधनों की आपूर्ति बहुत आवश्यक है। कांवड़ मेले को लेकर रेल प्रशासन की तैयारियां पहले से ही शुरू हो गई थी। प्रदेश में पूर्णिमा 13 जुलाई से ही मेले की शुरुआत हो जाएगी। मेले और इसमें आने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ की संख्या को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं।

मेले के संबंध में डीजीपी अशोक कुमार ने प्रदेश में की गई तैयारियों की जानकारी दी ।

मेले को लेकर प्रदेश में तैयारी 

– सबसे महत्वपूर्ण कांवड़ियों से रजिस्ट्रेशन कराने के बाद ही हरिद्वार पहुंचने को कहा है।

–  रुड़की से नीलकंठ तक करीब 60 किलोमीटर हाईवे को मेला क्षेत्र घोषित किया गया है। इस क्षेत्र में 38 पुलिस सर्किल बनाए गए हैं। पुलिस ने आम आदमी से इस क्षेत्र   में नहीं आने की अपील की है।

-13 से 27 जुलाई तक यहां पर अत्यधिक भीड़ रहेगी। लिहाजा, आम आदमी के लिए और पहाड़ी जिलों को जाने वालों के लिए अलग से रूट निर्धारित किए गए हैं।
-सभी क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था के प्रबंध कर लिए गए हैं जिसमे बम निरोधक दस्ता, आतंकरोधी दस्ता, पुलिस फोर्स, घुड़सवार बल आदि तैनात कर दिए गए हैं।
– आम जनता से अपील की गई  है कि वह पहाड़ आने के लिए मेरठ-बिजनौर- कोटद्वार और मुजफ्फरनगर-देहरादून मार्ग का प्रयोग करें।
-कांवड़ मेले में किसी भी प्रकार की अराजकता का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पुलिस पूरी तरह से तैयार है। पूरे क्षेत्र में अलग-अलग जगहों पर विभिन्न व्यवस्था की गई हैं।
– किस क्षेत्र में क्या गतिविधि है इसका हर दिन का अपडेट मुख्यालय लेगा।
-10 हजार पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे  ।

– 11 एसपी-एएसपी जिम्मेदारी संभालेंगे  ।
– 38 पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) की तैनाती की गई है।
– 05 आतंक रोधी दस्ते की टीमें बनाई गई है।
–  400 सीसीटीवी कैमरे (300 हरिद्वार और 100 नीलकंठ क्षेत्र) में लगाए गए है।
– 38 सर्किल में एक-एक ड्रोन कैमरे से होगी निगरानी।

इसके साथ ही सबसे महत्वपूर्ण सभी शराब संबंधित दुकानों ,ठेकों को मेले के दौरान बंद करा दिया जाएगा जिससे कोई ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो जो मेले में परेशानी का कारण बने।शौचालय, पार्किंग, साफ सफाई आदि की व्यवस्था भी विभागों द्वारा की गई है। कांवड़ियों के लिए लगने वाले भंडारे आदि के लिए भी स्थान पहले से निर्धारित किए जा चुके हैं और  यह मार्ग से हटकर लगाए जाएंगे।